पटना, जेएनएन। पटना में अपराधियों के आगे पुलिस सुस्त पड़ गई है। 25 दिन के अंदर की गई 13 हत्याएं तो यही बता रही हैं। बड़ी बात ये है कि ये हत्या रात के अंधेर में नहीं बल्कि दिनदहाड़े की गईं। आधा दर्जन वारदात तो ऐसी है, जिसमें अपराधियों ने बीच बाजार दौड़ाकर गोली मारी। अब न खाकी का डर है न कानून का। वारदात के बाद अधिसंख्य मामलों में पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी तो कई थाने की पुलिस उनकी पहचान तक नहीं कर पा रही है।

तेज-तर्रार और अनुभवी थानेदारों में कमी

पटना पुलिस लाइन में सिपाही बवाल के बाद लंबे समय से जमे जवानों से लेकर पदाधिकारियों तक का तबादला कर दिया गया। दागी बताकर लगभग 400 अफसरों को थानेदारी से हटा दिया गया। तेज-तर्रार व अनुभव को आधार बनाकर कुछ चहेते चेहरे ही वापस लाए गए, लेकिन पुलिसिंग पर कोई असर नहीं हुआ। अब भी जिला बल में अनुभवी व योग्य इंस्पेक्टरों की कमी है। डीआइजी राजेश कुमार के हटते ही इंटरव्यू लेकर थानेदारी देने की प्रक्रिया भी बंद कर दी गई। आरोप है कि पहुंच-पैरवी की बदौलत इंस्पेक्टरों और दारोगाओं को थानेदारी सौंपी जा रही है।

जनता से संवाद नहीं, सूचना की कमी

दूसरे जिले से पहली बार पटना में आकर थानेदारी करने वाले पुलिस अफसर जनता से संवाद करने में दिलचस्पी नहीं लेते। शांति समिति की बैठक का भी कोरम पूरा किया जाता है। इसके कारण इलाके में होने वाली गतिविधियों से उनका सरोकार नहीं रहता। सूचना भी नहीं मिल पाती। यहां तक कि वरीय अधिकारी भी जन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। एसएसपी और सिटी एसपी के कार्यालयों में फरियादियों की भीड़ लगी रहती है। वे लोगों की समस्याएं सुनना नहीं चाहते और अपने बदले इंस्पेक्टर या डीएसपी संवर्ग के अधिकारियों को जनता दरबार में सुनवाई करने को कहते हैं। नतीजतन, अधिकारियों को थाना पुलिस की कार्यशैली का पता नहीं चल पाता।

शराब में ही उलझी रहती है पटना पुलिस

पुलिस मुख्यालय के आदेश पर चलने वाला समकालीन अभियान शराब तक ही सिमट कर रह जाता है। इसके तहत रात के वक्त थानेदारों कम से कम एक अपराधी या वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करानी होती है। थानेदार जगह-जगह वाहन चेकिंग लगाकर शराब मामले में किसी एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उपलब्धि दर्शा देते हैं। मुखबिर भी केवल शराब पर चोट देते हैं, ताकि हाकिम की थानेदारी बची रही।

पूर्वी पटना में सबसे अधिक मर्डर

25 अक्टूबर : अगमकुआं के भागवत नगर में ज्वेलर्स दुकान में डकैती के दौरान विरोध पर मकान मालिक की हत्या। कल्लू सहित तीन बदमाश गिरफ्तार, सामान बरामद।

01 नवंबर-आलमगंज थाना क्षेत्र के अरफाबाद मुसहरी से एक नवंबर को रहस्यमय ढंग से लापता युवक का शव पुलिस ने तीन नवंबर की सुबह अरफाबाद मुसहरी नाला से बरामद किया। परिजनों ने बुलानेवाले तीन दोस्त पर प्राथमिकी की। एक गिरफ्तार हुआ।

एेसे हुई वारदातें

05: नवंबर: दीघा में गेट नंबर 96 के पास दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने दौड़ाकर सैप की गोली मारकर कर दी हत्या। कोई गिरफ्तारी नहीं।

06 नवंबर- चौक थाना क्षेत्र से छह नवंबर की शाम अगवा होटल संचालक की हत्या उसी रात कचौड़ी गली में कर दी गई। सातवें दिन बाईपास में कंबल में लिपटा शव मिला। आठ आरोपितों में से छह गिरफ्तार।

07 नवंबर- खाजेकलां थाना क्षेत्र के मच्छरहट्टा गली स्थित उर्दू स्कूल के समीप सात नवंबर की रात अज्ञात अपराधियों ने 25 वर्षीय रवि साव की चार गोली मारकर हत्या कर दी। एक गिरफ्तार, तीन फरार।

14 नवंबर- खाजेकलां थाना क्षेत्र के नौजर घाट मोहल्ले में उर्दू मध्य विद्यालय गुलजारबाग के नगर शिक्षक मो. रिजवानुल हक की पड़ोसी किराएदार ने चाकू गोदकर हत्या कर दी। हत्याकांड में पत्नी व दोस्त गिरफ्तार, हत्यारा आशिक फरार।

13 नवंबर: बिहटा में घर के बाहर अखबार पढ़ रहे पूर्व मुखिया के पति की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। एक गिरफ्तार।

14 नवंबर-बाईपास थाना क्षेत्र के बेगमपुर पारपोखरा मोहल्ले से लापता एंबुलेंस चालक सोनू की हत्या चाकू से गोदकर कर दी। अपराधियों ने उसी रात शव तालाब में फेंक दिया। तीसरे दिन जूता व कपड़ा तथा चौथे दिन तालाब से लाश मिली। हत्याकांड में एक गिरफ्तार, पांच फरार।

17 नवंबर-बाईपास थाना क्षेत्र के रानीपुर पैजावा में 17 नवंबर की सुबह नौ बजे पांच बाइक पर सवार पहुंचे आठ बदमाशों ने सफारी पीछे करने के विवाद में सपा नेता देवेंद्र ङ्क्षसह यादव व पूर्व पार्षद गीता देवी के बेटे 23 वर्षीय रवि को घर के दरवाजे पर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। आठ नामजदों में एक ने चौथे दिन न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। सात फरार हैं।

17 नवंबर- आलमगंज थाना क्षेत्र में अपराधियों ने मीनाबाजार कूड़ा पर मोहल्ला निवासी सब्जी विक्रेता 18 वर्षीय रोहित की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद जल्ला रोड के आइडीएच कॉलोनी स्थित तालाब में उसका पेट फटा शव को तालाब में फेंक दिया। तीन दिन बाद मृतक का शव मिला। घटना के बाद एक गिरफ्तार व दो फरार हो गए।

18 नवंबर- अगमकुआं थाना क्षेत्र के आरओबी पर अपराधियों ने चौक थाना क्षेत्र निवासी दीपक उर्फ पगलवा को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। इलाज के दौरान अगले दिन निजी अस्पताल में मौत हो गई। घटना में दोनों नामजद फरार हैं।

20 नवंबर- खाजेकलां श्मशान घाट में दोस्त दीपक के अंतिम संस्कार में आए रोहित को दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने नौ गोलियों से छलनी कर दिया। अज्ञात के खिलाफ भाई ने मामला दर्ज कराया। घटना में कोई गिरफ्तारी नहीं।

20 नवंबर : पत्रकारनगर के मलाहीपकड़ी में चालक प्रवीण कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। हत्यारोपित की पहचान नहीं।

Posted By: Akshay Pandey

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