पटना, राज्य ब्यूरो। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए पी शाही उस समय हैरान रह गए जब पता चला कि यहां के छोटे अधिकारी वरीय पदाधिकारियों की बात नहीं मानते हैं। एसपी ने जांच अधिकारी से कहा कि जब अपहृत लड़की का पता लग गया कि वह बंगलौर में है तो बरामद कर लाओ। जवाब मिला, पैसे नहीं हैं।

खंडपीठ ने पुलिस की कार्यशैली की आलोचना की। कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट किया कि सीनियर अधिकारियों की बात नहीं मानने वाले अधिकारी अपने पद पर कैसे बने हुए हैं। कोर्ट ने न्याय कक्ष में उपस्थित सिटी एसपी को जांच अधिकारी पर कार्रवाई कर बुधवार को पूरी जानकारी देने का आदेश भी दिया। 

मुख्य न्यायाधीश एपी शाही तथा न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने मो अकील कुरेशी की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह टिप्पणी की। नाबालिग पुत्री की बरामदगी के लिए कुरेशी ने हाई कोर्ट में एक अर्जी दायर की थी।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बच्ची का पता चल गया है। उसे बरामद करने के लिए राज्य के बाहर जाना है जिसके लिए पुलिस के बड़े अधिकारी की अनुमति अनिवार्य है। बताते चलें कि गत पांच जनवरी को आवेदक की नाबालिग बच्ची का अपहरण हो गया था जिसकी प्राथमिकी सुल्तानगंज थाना में 6 जनवरी को दर्ज की गई थी।  

 

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Kajal Kumari