मुजफ्फरपुर [जेएनएन]। मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह कांड में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने जेल में बंद आरोपित डॉ. अश्विनी कुमार उर्फ डॉ. ड्रग की उस अर्जी को सीबीआइ पटना के एसपी के सूचनार्थ भेजने का आदेश दिया है, जिसमें कुछ लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। यह वही डॉक्टर अश्विनी है, जिसपर नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स का इंजेक्शन देने का आरोप है।  इसके बाद उन लड़कियों के साथ दुष्‍कर्म किया जाता था।
अर्जी में कई बड़े लोगों पर लगाए संगीन आरोप
14 फरवरी को अश्विनी के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने विशेष पॉक्सो कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। शनिवार को उसकी ओर से एक पूरक अर्जी भी दाखिल की गई। मूल अर्जी में कई बड़े नाम हैं। अर्जी में समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव व तत्कालीन आयुक्त अतुल प्रसाद और समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक धर्मेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। पूरक अर्जी में समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव एसएम राजू, वंदना किनी और अरविंद चौधरी सहित अन्य की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
यह है मामला
अधिवक्ता ओझा ने बताया कि डॉ. अश्विनी की ओर से 14 फरवरी को विशेष कोर्ट के समक्ष एक अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें कहा गया था कि सीबीआइ ने उसके बयान को दर्ज किया, लेकिन कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया। आश्वासन के बाद भी सीबीआइ ने सीआरपीसी की धारा-164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज नहीं कराया। इसे लेकर विशेष कोर्ट में पूरक सहित दो अर्जी दाखिल की गई है। अर्जी की सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सह एडीजे-11 ने इसे सीबीआइ पटना के एसपी को सूचनार्थ भेजने का आदेश दिया।
14 फरवरी को कोर्ट में दाखिल की गई थी अर्जी 
14 फरवरी को विशेष पॉक्सो कोर्ट नेअभिलेख रखने का आदेश दिया था। इसमें यह भी उल्लेख था कि इस अर्जी की प्रति सीबीआइ को नहीं दी गई। 15 फरवरी को इस पर सुनवाई हुई, तब कोर्ट का आदेश आया।
कौन है डॉक्टर अश्विनी
डॉक्टर अश्विनी को बालिका गृह कांड मामले का पर्दाफाश होने के बाद पिछले साल नवंबर महीने में गिरफ्तार किया गया था। अश्विनी पर नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स का इंजेक्शन देने का आरोप है।  लड़कियों को नशा देने के बाद उनके साथ गंदा काम किया जाता था।  

Posted By: Kajal Kumari

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