पटना [जितेंद्र कुमार]। Countdown of Chhath Vrat begins in Bihar and Administration is preparing the Ghats of Patna : छठ महापर्व में इस बार प्रशासन गंगा घाटों पर दलदल से जंग लड़ रहा है। गंगा के जलस्तर में लगातार कमी के कारण दीघा गेट नंबर 93 पटना का सबसे लंबा घाट होगा। जेपी सेतु से पूरब करीब एक किलोमीटर से अधिक दूरी में बालू निकल आया है। संत माइकल स्कूल के सामने वाला घाट दलदल के कारण सबसे छोटा घाट बन गया है। बालूपर घाट पर अभी दलदल को काटकर गंगा की धारा को मोडऩे की कोशिश चल रही है जबकि कुर्जी और एलसीटी घाट का कार्य खतरनाक होने के कारण बंद कर दिया गया है। राजापुर, पहलवान घाट और बांस घाट की स्थिति में अभी सुधार आना बाकी रह गया है। 

समय - दिन के 10.30 बजे। पाटीपुल घाट पर सेक्टर मजिस्ट्रेट शशि शेखर गंगा में बैरिकेडिंग दुरुस्त करा रहे हैं। गंगा का जलस्तर नीचे जाने के कारण व्रतियों के लिए बैरिकेडिंग क्षेत्र में जगह कम पड़ रही। नगर निगम की टीम कटाव रोकने के लिए लगाए गए जीइओ बैग को हटाने में लगी है। यहां एनडीआरएफ की टीम और महिलाओं के लिए चार चलंत शौचालय की मांग की गई है। दलदल को लाल कपड़े से घेरा गया है और सुरक्षित क्षेत्र को पीले और सफेद कपड़े से सजाया जा रहा है। वाच टावर और लाइट के लिए टावर बनकर तैयार हो गया है। 

समय- दिन के 11.20 बजे। गेट नंबर 93 से सीधे गंगा किनारे पहुंचने के लिए रास्ता बन गया है। गंगा किनारे एडीएम विनायक मिश्रा बैरिकेडिंग कराते मिले। उन्होंने बताया कि जेपी सेतु से गेट नंबर 88 तक करीब एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बालू निकल आया है। नाव से बैरिकेडिंग के लिए बल्ला गाडऩे के लिए टीम लगी हुई है। बैरिकेडिंग क्षेत्र में करीब 25 फीट दूरी में व्रतियों के लिए अघ्र्यदान का इंतजाम किया जा रहा है। यहां यात्री शेड बनाया जा रहा है ताकि रात्रि में दूरदराज के व्रती ठहर सकें। 

समय - 12.00 बजे। संतमाइकल स्कूल से पूरब गेट नंबर 83 और पश्चिम गेट नंबर 88 से संपर्क पथ का कार्य पूरा हो गया है। घाट किनारे दलदल के कारण सुरक्षित क्षेत्र काफी कम मिल रहा है। जलस्तर में कमी के कारण दलदल बढ़ रही है। व्रतियों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग आरंभ कर दिया गया है। 

समय - 12.45 बजे। बालूपर घाट से गंगा दूर होती जा रही है। दो पोकलेन से दलदल को पाटा जा रहा है। पूर्व मुखिया निलेश सिंह बताते हैं कि पोकलेन से नदी की धारा को काटकर मोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। घाट का स्वरूप अभी बिगड़ा हुआ है। सेक्टर मजिस्ट्रेट पवन कुमार मिश्र, नगर निगम, जल संसाधन विभाग और बुडको के इंजीनियर के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। घाट पर व्रतियों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया। 

समय - 1.15 बजे। कुर्जी घाट को खतरनाक होने के कारण लाल कपड़े से घेर दिया गया है। यहां निर्माण कार्य बंद है। एलसीटी घाट अंडरपास में अब तक पानी जमा है। करीब 1.3 किलोमीटर पर गंगा की धारा है। इस घाट को भी जिला प्रशासन ने खतरनाक घोषित कर दिया है। मैनपुरा पूजा समिति के मनीष कुमार ने बताया कि गंगा में गहराई नापने के लिए गोताखोर बुलाया गया है। 

समय - 2.00 बजे। राजापुर से गंगा किनारे जाने के लिए संपर्क पथ तो तैयार हो गया है लेकिन घाट पर जगह काफी कम है। पहलवान घाट और बांस घाट का संपर्क पथ का कार्य मुकम्मल नहीं हो सका है। वैसे गंगा में बैरिकेडिंग के लिए बल्ला और बांस पहुंचा दिया गया है। वाच टावर, बिजली, चेंज रूम का काम बाकी है। 

गंगा घाट की पार्किंग से दूरी (मीटर में) 

              घाट  -            पार्किंग से दूरी -        घाट की लंबाई 

  • नकटा दियारा  -      शून्य     -                 500 मी. 
  • जहाज घाट  -          600 मी.  -               150 मी. 
  • रामजीचक घाट -     600 मी. -               150 मी. 
  • शिवा घाट     -        600 मी. -                150 मी. 
  • पाटीपुल घाट  -      600 मी. -                 300 मी. 
  • दीघा घाट    -        600 मी. -                  200 मी. 
  • मीनार घाट   -        600 मी. -                 300 मी. 
  • बिंदटोली     -        600 मी.  -                 200 मी. 
  • गेट नं. 93 घाट -    1.5 किमी -               800 मी.
  • संत माइकल -       500 मी. -                 कार्य अपूर्ण 
  • गेट नं. 88 -          500 मी. -                 कार्य अपूर्ण 
  • बालूपर घाट -        500 मी. -                 कार्य अपूर्ण 
  • कुर्जी घाट   -         500 मी. -                खतरनाक 
  • एलसीटी घाट -      400 मी. -                खतरनाक 
  • राजापुर     -          500 मी. -               कार्य प्रगति पर 
  • पहलवान घाट -     शून्य -                     कार्य प्रगति पर 
  • बांस घाट   -         शून्य   -                   कार्य प्रगति पर 
  • बुद्ध घाट    -         500 मी. -                50 मीटर
  • कलेक्ट्रेट घाट -     2.5 किमी -              2 किमी 
  • बंशी घाट    -         600 मी. -                27.5 मीटर 
  • काली घाट   -        550 मी. -                88 मीटर 
  • कदम घाट   -        473 मी. -                35 मीटर 
  • पटना कॉलेज -      460 मी. -                25 मीटर 
  • दानापुर एसडीओ घाट-1 किमी-              500 मी. 
  • शाहपुर घाट -        900 मी. -                 500 मी. 
  • पीपापुल दानापुर - 2 किमी -                  500 मी. 
  • नासरीगंज     -      1 किमी -                 300 मी. 
  • नारियल घाट  -      200 मी. -               50 मी. 

Posted By: Rajesh Thakur

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