पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में 72 घंटे के बाद फिर कोरोना ने अपना पांव पसारा। मंगलवार को कोरोना के दो नए मरीज मिले हैं। इस तरह, अब बिहार में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्‍या 34 हो गई है। शनिवार के बाद से मरीजों की संख्‍या पर ब्रेक लग गई थी। इससे सरकार थोड़ी राहत महसूस कर रही थी। उधर, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर हाई प्रोफाइल बैठक हुई। इसमें कोरोना पर तीन तरफ से प्रहार करने पर रणनीति बनाई गई। दूसरी ओर, बिहार भी लाॅकडाउन खत्म करने पर अपनी असहमति जता सकता है। हवाई व रेल सेवा सहित पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने के पक्ष में फिलहाल सरकार नहीं है। सरकार चाहती है कि उन जिलों में लाॅकडाउन जारी रहे, जहां से मामले पॉजिटिव अा रहे हैं। वहीं, समस्‍तीपुर में  आइसोलेशन सेंटर पर हमला हुआ है। कोरोना राउंडअप में पढ़ें मंगलवार की दिनभर की खबरें। 

तमिलनाडु में फंसे कामगारों ने की मुख्यमंत्री की तारीफ 

लाॅकडाउन की वजह से तमिलनाडु में फंसे अप्रवासी बिहारी कामगारों ने राज्य सरकार द्वारा विशेष सहायता के रूप में अपने खाते में एक हजार रुपए भेजने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की है। इन लोगों ने वीडियो संदेश भेजकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। वैशाली जिले फंसे लोगों में लालगंज प्रखंड के उमेश कुमार सहनी, भगवानपुर प्रखंड के राजकुमार के साथ रहने वाले जिले के अन्य लोगों ने वीडियो संदेश भेजा है। इन लोगों ने कहा कि सरकार द्वारा एक हजार रुपए खाते में भेजे जाने से उन्हें काफी राहत मिली है। राज्य सरकार के आपदा राहत केंद्रों पर उन्हें 11 किलो चावल, एक किलो दाल, एक किलों सरसो तेल के साथ अन्य जरूरी मदद की जा रही है।

कोरोना की जंग जीतने वाले 12 को सीएम ने दी बधाई 

कोरोना की जंग जीतने वाले बारह लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बधाई दी है। इनमें शाह मनोज, राजा कुमार, मो. मेराज हुसैन, ङ्क्षपकी कुमारी, भोला शर्मा, सूरज कुमार, रशीदा बेगम, मो.कैफ, विवेक कुमार, टुनटुन कुमार, मो. अकीब व मो. नासिर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार की कोशिशों को इनके ठीक होने से बल मिला है। मुख्यमंत्री ने इन सभी बारह लोगों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की है।

बिहार में 72 घंटे बाद कोरोना ने पसारा पांव 

बिहार में कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या मंगलवार को 34 हो गई है। दरअसल, मरीजों की संख्‍या पर शनिवार से ही ब्रेक लग गई थी। लेकिन मंगलवार को अचानक दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। शनिवार को पॉजिटिव मरीजों की संख्‍या 32 थी, जो अब बढ़कर 34 हो गई। 72 घंटे के बाद मंगलवार को मिले दोनों मरीज महिलाएं हैं, जो सिवान की रहने वाली हैं। इस तरह, सिवान के कोराेना मरीजों की संख्‍या आठ हो गई। लेकिन अच्‍छी बात यह है कि 34 में से 15 लोग बिल्‍कुल ठीक हो गए हैं। एक मरीज की पहले ही मौत हो गई है।   

बिहार में भी बढ़ सकता है लाॅकडाउन

बिहार में अभी लॉकडाउन रह सकता है। इसके खत्म करने पर सरकार अपनी असहमति जता सकती है। दरअसल, हवाई व रेल सेवा सहित पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने के पक्ष अभी सरकार नहीं है। इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। वे इसे लेकर डॉक्टरों से भी बात करेंगे। इस पर दो-तीन दिनों में निर्णय ले लिया जाएगा। सरकार चाहती है कि उन जिलों में लाफकडाउन जारी रहे जहां से कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने अा रहे हैं। बता दें कि मुंगेर, सिवान, भागलपुर, गया आदि से कई पॉजिटिव मरीज मिले हैं। हालांकि वे सब ठीक भी हो रहे हैं। बताया जाता है कि नीतीश सरकार के स्तर पर यह विश्लेषण किया गया है कि लाॅकडाउन की वजह से बिहार में स्थिति बहुत हद तक नियंत्रित हुई है। लोग अनुशासित भी रहे हैं। लाॅकडाउन अगर अचानक से खत्म होता है तो भीड़ तेजी से बाहर अाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जी उड़ जाएगी अौर एेसे में स्थिति को नियंत्रित करना सरकार के बूते की बात नहीं रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग इसलिए भी जरूरी है कि संक्रमण अगले चरण में प्रवेश नहीं करे।

समस्तीपुर में आइसोलेशन  सेंटर पर हमला, तीन जख्मी 

समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजकीयकृत मध्य विद्यालय विशनपुर स्थित आइसोलेशन सेंटर में सोमवार देर रात नशे की हालत में तीन लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान क्वारंटाइन में रह रहे 10 लोगों में तीन को मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। सूचना के बाद पुलिस ने तीनों जख्मी का सदर अस्पताल में उपचार कराया। वहीं, तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इस संबंध में थानेदार विक्रम आचार्य ने कहा कि गिरफ्तार हमलावरों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जख्मी लोग भी विशनपुर गांव के निवासी हैं। घटना के बाबत मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें हकीमाबाद निवासी यशवंत कुमार, जितवारपुर के फरपुरा निवासी विकास कुमार राय और संतोष कुमार को आरोपित किया है। 

स्वास्थ्य विभाग समेत अन्‍य को सौंपी गई जिम्मेदारी

बिहार में कोरोना को एक हद तक नियंत्रित करने में सफल रहने के बाद अब सरकार ने इस महामारी पर तीन तरफा प्रहार की रणनीति बनाई है।  राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में रणनीति पर गहन विचार-विमर्श के बाद तीन प्रमुख महकमों को इसे अमल में लाने और कोरोना पर प्रहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरी कवायद का मसकद पूरी तरह से साफ है। सरकार इस कोशिश में है कि कोरोना के प्रकोप को अब यहीं रोक लिया जाए। इसके आगे बढ़ने का सारे रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए जाएं। जिन तीन महकमों को इस कार्य का दायित्व सौंपा गया है वे हैं स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास और पंचायती राज विभाग।

दूसरे राज्यों से आए लोगों की जांच का फार्मूला तय

कोरोना पर तीन तरफा प्रहार की रणनीति की पहली कड़ी में स्वास्थ्य विभाग को यह काम सौंपा गया है कि वह विदेश से आए लोगों की पहचान का काम पूरा होने के बाद अब दूसरे राज्यों से आए लोगाें में कोरोना की पुष्टि के लिए कार्य करे। सबसे पहले महाराष्ट्र, पुणे के लोगों को सूचीबद्ध करने के निर्देश है। दूसरे पायदान पर कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और दिल्ली से आए लोग हैं। इनमें से अधिकांश अभी क्वारंटाइन में हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर क्वारंटाइन में भर्ती लोगों में से लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान करेगी। पहचान में आए व्यक्ति के सैंपल लिए जाएंगे और जांच के लिए संबंधित जांच एजेंसी भेजे जाएंगे। मुख्य सचिव की माने तो पहले लक्षण वाले लोगों के सैंपल लिए जाने हैं। इनमें से यदि कोई रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उस क्वारंटाइन सेंटर के सभी लोगाें की सैंपल जांच होगी।इस कार्य के लिए बकायदा टीम तक बन गई है। टीम में जिला स्तर के स्वास्थ्य कर्मी, एक पारा मेडिक्स और एक डॉक्टर को रखा गया है। स्वास्थ्य सूत्रों की माने तो यह कार्य सोमवार से प्रारंभ कर दिया गया है। 

गांव-गांव, शहर-शहर चिह्नित होंगे हॉट स्पॉट

कोरोना की जंग को जीतने के लिए सरकार ने अब सूबे के हर क्षेत्र में वैसे हॉट स्पॉट चिन्हित करने का फैसला किया है जहां कोरोना की आशंका ज्यादा हो सकती है। इस कार्य का दायित्व स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पंचायती राज विभाग को भी दिया गया है। पंचायत स्तर पर पंचायत कर्मी गांव में रिक्शा अथवा ऑटो पर लाउड स्पीकर लगाकर लोगों के बीच प्रचार लाेगाें से बाहर से आए लोगों की सूचना देने की अपील करेंगे। इधर स्वास्थ्य कर्मी वैसे स्थानों की सूची बनाएंगे जहां राज्य या देश के बाहर से ज्यादा लोग आकर रह रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे गांव या स्थान को हॉट स्पॉट मानकर इन्हें सील करते हुए सैनिटाइज करने की कवायद होगी। फिलहाल पटना में डाकबंगला चौराहे को हॉट स्पॉट मानकर होटल गली और इसके आसपास के क्षेत्र में जांच और सैनिटाइज करने का अभियान शुरू किया गया है। जिलाधिकािरयाें के साथ ही पंचायत के मुखिया तक का हिदायत है कि कहीं से समूह में कोरोना की आशंका वली जानकारी मिलती है तो सरकार को तत्काल इसकी सूचना दें। 

12 नगर निगम क्षेत्र में बनेगी सैनिटाइजर टनल

इधर नगर विकास एवं आवास विभाग को यह कार्य सौंपा गया है कि वह प्रदेश के 12 नगर निगमों में वैसे स्थानों को चिन्हित करे जहां एक बार में ज्यादा भीड़ जमती हो। विभाग की योजना ऐसे स्थानों पर सैनिटाइजर टनल बनाने की है। विभाग के सूत्रों की माने तो विभाग को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने की चुनौती दी गई है। सरकार के अादेश के बाद सभी 12 नगर निगमों के प्रशासकों को यह कार्य सौंपा जा चुका है। पटना और गया में सैनिटाइजर टनल ने काम करना शुरू भी कर दिया है। पटना में राजेंद्र नगर में तो गया में कुल पांच स्थानों पर ऐसे टनल बनाए गए हैं। विभाग ने आधिकारिक जानकारी में बताया गया सैनिटाइजर टनल बनने से लॉक डाउन के दौरान रोजमर्रा की जरूरत के सामने लेने आए लोगों को सैनिटाइज किया जा सकेगा। विभाग ने दावा किया कि 12 नगर निगमों को मिलाकर फिलहाल 60 से 75 टनल बनाने की विभाग की योजना है। पहले चरण में छह टनल बनाए गए हैं। अगले 24 घंटे के अंदर और स्थान चिन्हित कर लिए जाएंगे और वहां भी सैनिटाइजर टनल बन जाएगी।

Posted By: Rajesh Thakur

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