पटना, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश सहित बिहार में लॉकडाउन चल रहा है। वहीं, लॉकडाउन के बीच पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार की शाम पांच बजे कैबिनेट की बैठक की। लॉकडाउन के दौरान यह राज्य कैबिनेट की पहली हई। इसमें 29 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी। इसमें कोरोना के खात्‍मे के लिए मंत्रियों, विधायकों व पार्षदों के वेतन कटने के प्रस्‍ताव पर स्‍वीकृति दी गई। बिहार कैबिनेट की  बैठक पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी विभागों के मंत्री कैबिनेट की बैठक से जुड़े। ऐसा बिहार में पहली बार हुआ है। 

जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मंत्री, विधायक व विधान पार्षदों के वेतन में 15 प्रतिशत की कटौती का फैसला लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सभी मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों के वेतन से अगले एक साल तक 15 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इससे राज्य सरकार को एक वर्ष में करीब 7900 करोड़ की बचत होगी। यह राशि कोरोना कोष में जाएगी। 

बता दें कि बिहार में कोरोना के फिर से सात नए मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मरीजों के पॉजिटिव रिपोर्ट आने की पुष्टि की गई है। बुधवार को एक नया मरीज पॉजिटिव पाया गया वहीं मंगलवार को छह मामले सामने आये थे। अबतक बिहार में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 39 पहुंच गई है, जिसमें से छह मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

बिहार में सीवान कोरोना वायरस से सबसे प्रभावित जिला है। बिहार में बनाए गए कोरोना की जांच केंद्रों में प्रतिदिन कोरोना सैंपल्स की जांच की जा रही है। साथ ही तब्लीगी जमात में शामिल लोगों की भी तलाश कर उनकी भी जांच की जा रही है।

Posted By: Kajal Kumari

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