पटना, पवन कुमार मिश्र। पटना में कोरोना संक्रमण का शिकंजा दिनों-दिन कसता जा रहा है। शुक्रवार को करीब 5500 लोगों की जांच मेें 104 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसमें 97 नए और सात फालोअप केस हैं। 97 में से 85 संक्रमित पटना जिले के निवासी हैं, जबकि 12 दूसरे राज्यों या जिलों के हैं। इसके साथ ही संक्रमण दर बढ़कर 1.5 प्रतिशत और उपचाराधीन मरीजों की संख्या 362 हो गई है। जून में अबतक एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन एक प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर को खतरनाक मानता है। पटना में यह आंकड़ा पार कर चुका है। दूसरी तरफ, पटना के मरीजों में उम्र का जो पैटर्न है, उसने भी चिंता बढ़ाई है।

20 से 30 की उम्र वाले खूब हो रहे संक्रम‍ित 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चिंता इस बात कि है कि इस बार संक्रमितों में 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों की संख्या काफी अधिक है। शुक्रवार को 85 संक्रमितों में से 44 की उम्र 30 वर्ष से कम थी। इनमें भी 19 की उम्र 20 वर्ष और चार की उम्र 10 वर्ष से कम थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नेताजी सुभाष मेडिकल कालेज सह अस्पताल के 12 मेडिकल छात्र, एनएमसीएच के एक जूनियर डाक्टर और आइजीआइएमएस के एक चिकित्साकर्मी की रिपोर्ट पाजिटिव आई है।

पटेल नगर में एक ही परिवार के तीन संक्रमित

इसके अलावा बेली रोड स्थित आफिसर्स फ्लैट और पटेल नगर में एक परिवार के तीन-तीन और छोटी मछुआटोली, बिठौरा, एसके नगर, चित्रगुप्त नगर, शेखपुरा निवासी परिवार के दो-दो लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। पीएमसीएच में तीन लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है और तीनों वहां भर्ती मरीज हैं। वहीं यहां भर्ती एक मरीज को सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि एक भर्ती है। एम्स के कोरोना नोडल पदाधिकारी डा. संजीव कुमार ने बताया कि अभी उनके यहां भर्ती मरीजों की संख्या काफी कम है। 

सांस की दिक्कत पर अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत बहुत कम 

कोरोना टीकाकरण के कारण संक्रमित हो रहे लोगों में सांस लेने तक की समस्या तो हो रही है, लेकिन उन्हें हास्पिटल में भर्ती कराने की नौबत बहुत कम पड़ रही है। एम्स के कोरोना नोडल पदाधिकारी डा. संजीव कुमार ने बताया कि प्रिकाशनरी डोज लेने वालों को भी बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं, लेकिन उन्हें भर्ती कराकर तेजी से आक्सीजन देने की जरूरत बहुत कम मामलों में पड़ रही है। बावजूद इसके जिन लोगों की हृदय की सर्जरी हुई है, मधुमेह-हाइपरटेंशन या कैंसर रोग से ग्रसित हैं, उनके लिए यह संक्रमण खतरनाक हो सकता है। हाल ही में एम्स में जिस 74 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई है उनकी हृदय सर्जरी हुई थी और वे  हाइपरटेंसिव थे। ऐसे में सभी को कोरोना अनुकूल व्यवहार यानी मास्क, शारीरिक दूरी, हाथों की सफाई के अलावा कोरोना टीकाकरण कराना जरूरी है। 

Edited By: Shubh Narayan Pathak