पटना, जेएनएन। CoronaVirus: बीमारियों के इलाज में एलोपैथी सबसे आगे जरूर है, लेकिन आरोग्य की बात तो हो आयुर्वेद (Ayurveda) का जवाब नहीं। आरोग्य यानी बीमार होने की आशंका को ही दूर करना। आयुर्वेद की पूंजी यही है। यही खूबी कोरोना (Corona) के खौफ के बीच आयुर्वेदिक औषधियों (Ayurvedic medicines) का बाजार बढ़ा रही है। पटना सहित पूरे बिहार में गिलोय रस और च्यवनप्राश (Giloy juice and Chyawanprash) की बिक्री आजकल दोगुनी हो गई है। आंवले से बने जूस और मुरब्बे की मांग भी बढ़ी है। इन चीजों का इस्तेमाल लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में कर रहे हैं।

गिलोय, आंवला एवं च्यवनप्राश की बिक्री में तेजी

पटना के गोविंद मित्रा रोड स्थित 'विश्वबंधु' आयुर्वेदिक दवा दुकान के थोक विक्रेता इंद्रदीप कुमार का कहना है कि पिछले महीने में गिलोय, आंवला एवं च्यवनप्राश की बिक्री में तेजी आई है। इंद्रदीप ने कहा कि ठंड के दिनों में 100 पेटी च्यवनप्राश की बिक्री हर महीने होती थी। गर्मी में यह बिक्री कम हो जाती थी। लेकिन कोरोना के बदले माहौल में एक माह में 150-200 पेटी च्यवनप्राश की बिक्री हुई। एक किलो की पैकिंग वाले एक पेटी च्यवनप्राश की कीमत तीन हजार रुपये है। गिलोय और आंवला जूस व की महीने में 50-60 डिब्बा की बिक्री थी। इन दिनों 100-150 डिब्बे की बिक्री हो गई है। बटी और जूस की बिक्री 10-12 हजार रुपये प्रतिमाह तक है।

शरीर में बीमारी से लडऩे की क्षमता बढ़ातीं  ये दवाएं

पटना के आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉ. धनंजय शर्मा का कहना है कि गिलोय वटी, च्यवनप्राश और आंवला जूस से शरीर में बीमारी से लडऩे की क्षमता बढ़ती है। आयुष मंत्रालय ने भी इस बाबत गाइडलाइन जारी की है। गार्डेनर हॉस्पिटल के वरीय चिकित्सक डॉ. मनोज बताते हैं कि इन चीजों में विटामिन सी की मात्रा अधिक होने के साथ कई प्रकार के मिनरल और पोषक तत्व होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। एलोपैथ में भी विटामिन सी की गोली लेने की सलाह दी जाती है।

Posted By: Amit Alok

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