पटना, जेएनएन। भारत समेत दुनियाभर के कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बिहार में भी इसका संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है, वहीं इससे होनेवाली मौतों का आंकड़ा भी हर दिन बढ़ रहा है। लेकिन बिहार के लिए राहत की बात यह है कि संक्रमण से स्वस्थ होनेवाले लोगों का आंकड़ा बेहतर है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में फेबिफ्लू, डेक्सामेथासोन जैसी दवाएं भी आई हैं, जो कोरोना के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर इसकी वैक्सीन को लेकर भी अच्छी खबरें आ रही हैं। देश में पहली बार पटना एम्स में वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल भी शुरू हो चुका है। लेकिन वहीं कोरोना की रफ्तार रोकने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी पहचान और जांच करना है। देश के सभी नागरिकों की जांच संभव नहीं है। ऐसे में लक्षणों के आधार पर तय किया जा रहा है कि किन लोगों की जांच की जाए।

कैसे समझेंगे की आपमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं...

कोरोना संक्रमण की शुरूआत में इसके चार ही लक्षण सामने आए थे। ये चार लक्षण थे,

-तेज बुखार

-सूखी खांसी,

-गले में खराश होना

-सांस लेने में तकलीफ होना

इसके अलावे इन नए लक्षणों को भी शामिल किया गया है-

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना के 11 लक्षणों को आधिकारिक तौर पर शामिल किया है। पूर्व के चार लक्षणों के अलावा ये नए लक्षण शामिल किए गए हैं

-बदन दर्द, सिर दर्द, थकान,

-ठंड लगना या ठिठुरना, उल्टी आना

-दस्त, बलगम में खून आना

कोरोना का बदलता रूप बनी हु्ई है चुनौती

बता दें कि, इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गंध या स्वाद महसूस न होने को भी कोरोना के प्रमुख लक्षणों में शामिल किया है। डब्ल्यूएचओ समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और चिकित्सक कोरोना वायरस के अन्य लक्षणों की पहचान और अध्ययन करने में जुटे हुए हैं। कोरोना वायरस का म्यूटेशन यानी रूप बदलना भी वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के लिए चुनौती बना हुआ है।

बिहार में बिगड़ते जा रहे हैं हालात

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पटना में संक्रमण से स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ती जा रही है। कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब स्वास्थ विभाग ने हल्के संक्रमण के लक्ष्य वाले रोगियों को घर में होम आइसोलेट रहने की सलाह दी है।

इस मामले पर पटना के सिविल सर्जन डॉक्टर आरके चौधरी ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों पर भी विभाग अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। शहरी क्षेत्र के 23 पीएचसी और अन्य अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारी घर में आइसोलेट मरीजों की मदद कर रहे हैं।

सरकारी निर्देशों का करें पालन

डॉक्टर आरके चौधरी ने होम आइसलेट मरीजों को सलाह देते हुए कहा कि मरीज अकेले कमरे में रहें और आयुष मंत्रालय और सरकारी गाइडलाइन का पालन करें। घर पर रहकर भी इस बिमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। हल्के लक्षण वाले संक्रमित मरीज घर पर रहें। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उनकी मदद करेगें। इसके लिए कॉल सेंटर पर फोन कर मदद ली जा सकती है।

 

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