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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CoronaVirus: बिहार आये 86 लोग भी निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में हुए थे शामिल, हो रही तलाश

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 31 Mar 2020 03:09 PM (IST)Updated: Tue, 31 Mar 2020 03:46 PM (IST)

दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज में बिहार के भी 86 लोग शामिल हुए थे इन सबकी अब बिहार पुलिस तलाश कर रही है।

CoronaVirus: बिहार आये 86 लोग भी निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में हुए थे शामिल, हो रही तलाश
CoronaVirus: बिहार आये 86 लोग भी निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में हुए थे शामिल, हो रही तलाश

पटना, जेएनएन। कोरोना वायरस, दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज में शामिल हुए लोगों में से 24 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इतनी बड़ी मात्रा में जमात में मौजूद लोगों में संक्रमण की पुष्टि से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। बता दें कि जमात में बिहार आए कुल 86 लोग भी शामिल हुए थे। इन सबको अब पुलिस तलाश रही है औैर इनके बारे में पूरी जानकारी ली जा रही है। ये सभी लोग मरकज में शामिल हुए थे और वहां से बिहार के अलग-अलग जगहों पर गए थे।

 बिहार लौटे इन लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक मरकज में शामिल होने के बाद ये लोग मुम्बई, दिल्ली और फिर पटना आये थे। पटना में ये लोग पीरबहोर में स्थित मस्जिद में ठहरे थे। वहीं 10 लोग अररिया में पहुँचे थे। ये सभी मलेशिया से आए हैं। इनमें से एक की मौत गुरुवार को हो गई थी। लेकिन जिलाधिकारी, अररिया ने इसे ने नेचुरल डेथ बताया था। नौ लोग अभी जामा मस्जिद में हैं।

 बाँका मे 27 लोग विदेश से आए है। जिसकी जांच की जा रही है। 10 की जांच के बाद जांच किट खत्म होने के कारण शेष की जांच नही हो पाई है। सभी का डाटाबेस बनाया गया है।

किशनगंज में 13 लोग पहुंचे। जिसमें 10 इंडोनेशिया, एक मलेशिया के और दो भारतीय हैं। 22 मार्च को अवध असम एक्सप्रेस से किशनगंज पहुंचे ये सभी लोग 1 मार्च को तब्लीगी जमात(निजामुद्दीन) में शरीक हुए थे। जहां से 21 मार्च को 13 लोग किशनगंज रवाना हुए। शहर के खानकाह मस्जिद में सबको क्वारंटाइन किया गया है। मेडिकल टीम प्रतिदिन फॉलोअप कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल सभी स्वस्थ हैं।

तबलीगी जमात के मरकज से ही अलग-अलग हिस्सों के लिए तमाम जमातें निकलती है। इनमें कम से कम तीन दिन, पांच दिन, दस दिन, 40 दिन और चार महीने तक की जमातें निकाली जाती हैं। हां अभी cs ने कन्फर्म किया कि 10 लोग वहां हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।  7 फुलवारी अलग हैं उनका सैंपल हो गया है

वहीं पटना के एक मस्जिद से कुछ दिनों पहले कई लोग स्थानीय लोगों के हंगामे के बाद हिरासत में लिए गए थे। पुलिस ने बताया था कि उन सबसे पूछताछ की गई तो पता चला कि ये लोग अपने धर्म का प्रचार करने आए हैं। इसके बाद जानकारी मिली कि उन सबकी जांच पटना एम्स  में हो चुकी है। सब स्वस्थ है। ये लोग 4 मार्च से ही पटना में रह रहे थे। बता दें कि पटना के पीरबहोर में तबलीगी जमात का मुख्यालय है।

तब्लीगी जमात के एक जमात में आठ से दस लोग शामिल होते हैं। इनमें दो लोग सेवा के लिए होते हैं जो कि खाना बनाते हैं। जमात में शामिल लोग सुबह-शाम शहर में निकलते हैं और लोगों से नजदीकी मस्जिद में पहुंचने के लिए कहते हैं। सुबह 10 बजे ये हदीस पढ़ते हैं और नमाज पढ़ते हैं। लोगों का इस्लाम पर विश्वास बढ़े, इस पर इनका ज्यादा जोर होता है, ऐसी बातों का प्रचार करते हैं। इस तरह से ये अलग इलाकों में इस्लाम का प्रचार करते हैं...।