पटना, दिलीप ओझा। बिहार में व्‍यवसाय व उद्योग पर कोरोना का बड़ा असर पड़ा है। दवा मंडी को छोड़ दें तो अधिकांश मंडियों में मंदी छाई है। सोना-चांदी से लेकर कपड़ा व जूता-चप्पल तथा किराना बाजार तक मायूसी छाई है, लेकिन दवा बाजार में कोरोना के बाद 15 से 20 फीसद की वृद्धि हुई है।

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल कहते हैं कि बिहार में अधिकांश उत्पाद, रॉ मैटेरियल दूसरे राज्यों से आते हैं। इसलिए बिहार भी प्रभावित है। टूर एंड ट्रैवेल, होटल, रेस्टोरेंट, पर्यटन, ट्रांसपोर्ट पर सर्वाधिक असर है। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान भी कहते हैं कि हर सेक्टर चिंतित है। कहीं आना-जाना नहीं हो पा रहे है, जिससे व्यापार की गति मंद पड़ गई है।

दवा व्‍यवसाय में बढ़ाेतरी, कुछ दवाओं के दाम बढ़े

बात दवा व्‍यवसाय कह करें तो बिहार में दवाओं की मासिक बिक्री 150 करोड़ से बढ़कर 175 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। चीन से गंभीर और जानलेवा बीमारियों के 70 फीसद रॉ मैटेरियल नहीं आ रहे है। इसलिए मैन्युफैक्चरिंग, असेम्बलिंग, और री-पैकिंग प्रभावित हैं। लिहाजा, पारासिटामोल, सिप्रोफ्लोक्‍सासिन जैसी कुछ दवाओं के दाम बढ़ गए हैं।

रो रहा कपड़ा बाजार, होली में भी कम हुआ कारोबार

कपड़ा बाजार की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती। बिहार टेक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान महासचिव रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि होली पर भी शोरूमों में उम्मीद से 50 फीसद तक कारोबार कम हुआ। लोग भीड़ वाली जगहों पर जाने से बच रहे हैं। इससे बिक्री गिर रही है। होली पर बिहार में लगभग 80 करोड़ रुपये का कारोबार संभावित था जो 40 से 45 करोड़ रुपये के बीच सिमट गया।

आभूषण बाजार बेपटरी, बिक्री में 50 फीसद तक गिरावट

आभूषण बाजार भी इस समय मुंह के बल है। पाटलिपुत्र सराफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सोना में लोग निवेश कर रहे हैं, लेकिन आभूषणों की बिक्री 70 फीसद तक गिर चुकी है। फ्रेजर रोड तनिष्क के प्रबंधक उमेश टेकरीवाल ने कहा कि 50 फीसद बिक्री खत्म हो गई है। बाजार में लोग कम निकल रहे हैं, और कोरोना के चलते सोने का दाम काफी बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि बिहार में प्रतिदिन 35 करोड़ रुपये का आभूषण कारोबार होता है जो इस समय 15 से 20 करोड़ रुपये पर सिमट गया है।

70 फीसद तक गिरी चारपहिया वाहन की बिक्री

ऑटोमोबाइल से जुड़े 25 से 30 फीसद तक पार्ट्स चीन से आते हैं। इनकी आवक नहीं होने से ऑटो सेक्टर भी प्रभावित है। दरअसल बीएस 4 चारपहिया वाहनों के स्टॉक खत्म हो चले हैं और बीएस 6 वाहनों के पार्ट्स की आपूर्ति पर कोरोना का ग्रहण लग गया है। चंदन ऑटोमोबाइल्स और लीडर ऑटोमोबाइल्स के निदेशक और फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के सदस्य पुष्पेष सरस ने कहा कि इन कारणों से चारपहिया वाहनों की बिक्री में 50 से 70 फीसद तक की गिरावट है। हालांकि दोपहिया वाहनों के बीएस 4 स्टॉक पर्याप्त हैं, और कंपनियां पांच से सात हजार रुपये का कैशबैक भी दे रही हैं, इसलिए यह बाजार पटरी पर है।

इलेक्ट्रॉनिक बाजार पर भी असर, मैन्युफैक्चरिंग बाधित

इलेक्ट्रॉनिक बाजार पर भी कोरोना का असर है। पार्ट्स चीन से नहीं आने के कारण मैन्युफैक्चरिंग बाधित है। टेलीविजन, एसी, फ्रिज जैसे उत्पादों की आपूर्ति नहीं हो रही है। बाजार के जानकार निशांत प्रभाकर ने कहा कि कुछ उत्पादों के दाम 15 मार्च, जबकि कुछ के एक अप्रैल से बढ़ जाएंगे। इसलिए लोग खरीदारी कर रहे हैं, और बिक्री पटरी पर है।

Posted By: Amit Alok

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