पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) से प्रदेश के उत्‍तरी हिस्‍से (North Bihar) में आवागमन की मुश्किल अब कुछ दिनों का मसला रह गया है। इस साल के अंत तक पटना और वैशाली (Vaishali) जिले के बीच गंगा पर बने महात्‍मा गांधी सेतु (Mahatma Gandhi Setu) के दोनों लेन पर आवागमन सुचारू हो जाने की पूरी उम्‍मीद तो है ही इस पुल के निकट ही नये फोर लेन पुल‍ का निर्माण भी अगले ही माह शुरू होने जा रहा है। इस पुल के तैयार हो जाने के बाद पटना के गायघाट (Gayghat) से वैशाली के हाजीपुर जाने के लिए दो पुल मिलाकर छह लेन का रास्‍ता वाहनों को उपलब्‍ध हो जाएगा। इसके बाद पुल पर जाम की गुंजाइश शायद ही रहे।

14 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा नया पुल

पटना के निकट गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 14.5 किमी लंबाई का नया फोर लेन पुल और उसके पहुंच पथ का निर्माण कार्य अगले महीने अप्रैल में प्रारंभ होने की संभावना है। इस पुल के निर्माण पर 1794.37 करोड़ की लागत आएगी। सोमवार को राज्य सभा में सदस्य सुशील कुमार मोदी के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क,परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी।

बिहार के लिए विशेष पैकेज में शामिल है यह पुल

गडकरी ने कहा कि पटना में राष्ट्रीय राजपथ -19 पर गंगा नदी के ऊपर 0.00 किमी से 14.50 किमी तक महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नया चार लेन पुल और इसके पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2926.42 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1.40 लाख करोड़ के बिहार पैकेज के तहत पीएम ने पिछले साल इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

तकनीकी अड़चनों को जल्‍द दूर करने की कोशिश

गडकरी ने बताया कि इस परियोजना को पिछले साल चार सितंबर को 1794.37 करोड़ की लागत पर अवार्ड किया गया था और 12 अक्टूबर, 2020 को अनुबंध भी हस्ताक्षरित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राधिकारियों के साथ पर्यावरण और अन्य स्वीकृतियों में देरी के कारण ठेकेदारों को कार्यारम्भ करने की निश्चित तिथि नहीं बताई गई है, मगर अप्रैल 2021 से काम शुरू होने की संभावना है।