पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार कांग्रेस के तत्कालीन प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी प्रोन्नति नहीं मिलने पर दुखी दिखे। उन्हें उम्मीद थी कि आलाकमान उन्हें स्थायी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देगा, लेकिन डॉ. मदन मोहन झा को यह जिम्मेदारी मिल गई। कादरी ने साफ-साफ तो नहीं कहा, लेकिन उनकी बातों से लगा कि वह निराश हैं।

पत्रकारों से उन्होंंने कहा कि मैंने पार्टी को अपना शत प्रतिशत दिया। मेरे अध्यक्ष बनने के बाद से अल्पसंख्यकों में उत्साह था, लेकिन पार्टी ने मुझ से ज्यादा नए अध्यक्ष पर भरोसा जताया है तो कोई बात जरूर रही होगी। 

मुसलमान वोट को महत्व नहीं दिया गया 

कादरी ने कहा कि यह चुनाव का वर्ष है। मुसलमान वोट को हमेशा ही महत्व नहीं दिया जाता। लोगों को लगता है अल्पसंख्यक का वोट आखिर कहां जाएगा। भाजपा के साथ तो जाएगा नहीं। मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि कांग्रेस में संख्या बल के आधार पर अल्पसंख्यकों को भी भागीदारी मिलनी चाहिए।

बिहार में अल्पसंख्यक और पिछड़ा का वोट तो महागठबंधन के साथ था ही। पार्टी ने सवर्ण को बिहार की जिम्मेदारी दी है मुझे लगता है। इसका मकसद सवर्ण वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा बहरहाल पार्टी ने जो फैसला लिया ठीक ही लिया होगा। 

चुनाव वर्ष में ऐसे प्रयोग से बचना चाहिए था 

कादरी ने कहा कि मुझे बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा दिया गया और मैंने एक वर्ष में पार्टी को काफी मजबूती देने का काम किया है। पार्टी को यदि मुझे हटाना था, तो पहले हटाना चाहिए था। चुनाव के वर्ष में इस प्रकार के प्रयोग से बचना चाहिए।

एक सवाल के जवाब में कादरी ने कहा मैं तो पार्टी का सिपाही हूं। आज तक किसी पद की इच्छा नहीं जताई। कल को यदि पार्टी का आदेश होगा कि सदाकत आश्रम में झाडू लगाना है तो इस काम को भी सहर्ष करेंगे। 

21 को प्रभार ग्रहण करेंगे मदन मोहन झा

बिहार कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा 21 सितंबर को पद ग्रहण करेंगे। कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी उन्हें सदाकत आश्रम में आयोजित समारोह में यह पद सौंपेंगे। 21 सितंबर को ही नवनियुक्त चार प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डॉ. अशोक कुमार, समीर कुमार सिंह और श्याम सुंदर धीरज भी अपना पद ग्रहण करेंगे।

Posted By: Kajal Kumari

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