पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपी पाए गए 45 कांग्रेसी नेताओं को सोमवार को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इसके साथ ही 51 नेता जिन्होंने विधानसभा चुनाव के बीच अपना इस्तीफा पार्टी को सौंपा था उनके इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए गए।

बात यहीं पर खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में कई और नेताओं पर गाज गिरनी तय है। पार्टी फिलहाल ऐसे नेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ जांच चला रही है।

सोमवार को बिहार कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक अनुशासन समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक जगन्नाथ प्रसाद राय की अध्यक्षता में हुई।

मैराथन चली इस बैठक में काफी विचार विमर्श और मंथन करने के बाद पुराने कांग्रेसी नेता रघुनंदन मांझी, सिद्धनाथ राय, उमेश राम, ललन कुमार, राम चरित्र यादव और सुनीता देवी सहित 45 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोपी पाए जाने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

इसके अलावा डॉ. पद्माशा झा, पूर्व विधायक हरिनारायण चौधरी, पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ और बसंत सिंह समेत 51 कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से इस्तीफा दिया था उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए।

अनुशासन समिति के अध्यक्ष जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि इन तमाम लोगों के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व अन्य वरीय नेताओं के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधि में संलिप्त होने की शिकायतें मिली थी उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।

कुछ नेताओं को इस आलोक में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। एक सप्ताह के अंदर ऐसे लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनुशासन समिति की बैठक में अध्यक्ष के अलावा सदस्य विजय शंकर मिश्र, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पांडेय, सुबोध कुमार, शकीलुर रहमान, डॉ. अंबुज किशोर व तनवीर अख्तर मौजूद रहे।

Posted By: Kajal Kumari

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