राज्य ब्यूरो, पटना। बेतहाशा बढ़ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने की कवायद में सरकार जुट गई है। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या पर अंकुश लगाने की तैयारी अंतिम चरण में है। परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने बुधवार को पत्रकारों से विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए यह जानकारी दी।

सूचना भवन स्थित सभाकक्ष में पत्रकारों से मुखातिब परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि बिहार देश में सर्वाधिक ई-रिक्शा का परमिट देने वाला प्रदेश बन गया है। उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम के लिए हो रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। सीएनजी कार, ऑटो और छोटी मालवाहक गाडिय़ां राजधानी में दौडऩे लगी हैं। दो सीएनजी पंप पटना में संचालित है। इस महीने के अंत तक तीन और सीएनजी पंप स्टेशन खुल जाएंगे। 

रोड सेफ्टी ऑडिट

परिवहन मंत्री ने बताया कि सरकार सभी सड़कों का ऑडिट करा रही है। इसी के आधार पर डिवाइडर, फुटपाथ व ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। परिवहन सचिव ने बताया कि बिहार में दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में तीन साल में 50 फीसदी कमी लाने को नीति तैयार की जा रही है।

 31 मार्च तक रोड सेफ्टी आडिट कर लिया जाएगा। सभी रूटों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा सुनिश्चित करने और जाम पर अंकुश लगाने के लिए ऑटो  और ई-रिक्शा आदि की संख्या निर्धारित की जाएगी। परमिट देने से पहले जांच होगी। वर्तमान में किसी रूट पर इनकी संख्या बहुत अधिक है तो कहीं पर बहुत कम है। 

पटना से दिल्ली तक सीएनजी वाहन

संजय अग्रवाल ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सीएनजी युक्त वाहनों के परिचालन को बढ़ावा दिया जाएगा। पुराने वाहनों में मॉडल और वेरिएंट के अनुसार आठ कंपनियों को राज्य में सीएनजी किट लगाने के लिए अधिकृत किया गया है।

पटना में पांच स्थानों पर 25 से 32 हजार में किट लगवाया जा सकता है। गेल की मदद से पटना से दिल्ली तक सीएनजी वाहन दौड़ें, इस दिशा में काम चल रहा है। परिवहन मंत्री और सचिव ने पुरानी गाडिय़ों सीएनजी किट लगाने वाले लोगों को सम्मानित किया।

बिहार में सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देगी सरकार

- सीएनजी युक्त वाहन के परिचालन से प्रदूषण नियंत्रण के साथ राशि की भी होगी बचत 

- सीएनजी वाहन में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल की तुलना में 30-50 फीसद तक कम आएगी

-शुरुआती दौर में सीएनजी किट पेट्रोल चालित वाहनों में लगाया जाएगा। यह किट सभी प्रकार के पेट्रोल चालित कारों एवं ऑटो में लगाया जा सकता है*

- वाहन के मॉडल और वेरिएंट के आधार पर सीएनजी किट फिटमेंट का काम किया जाता है।

- सीएनजी 60.60 प्रति किलो जबकि पेट्रोल 76 रुपए प्रति लीटर

- सीएनजी किट लगाने में लगभग पांच से छह घंटे समय लगेगा।

सस्ता है सीएनजी, ये है कीमत

पेट्रोल की वर्तमान बाजार दर 76 रुपये है तथा औसतन शहरों में 10 से 12 किलोमीटर का सफर किया जाता है, जबकि एक किलो सीएनजी का औसत 18 से 20 किलो मीटर है। इसकी दर 60 रुपए 60 पैसे है। इस प्रकार पेट्रोल चालित वाहन पर जहां लगभग 6 रुपये प्रति किलोमीटर औसत खर्च होता है वहीं सीएनजी चालित वाहन पर लगभग 3.30 रुपये खर्च आएगा। 

सीएनजी किट लगाने के बाद पेट्रोल का विकल्प रहेगा

सीएनजी किट लगाने की लागत

1. पेट्रोल ऑटो - लगभग 25 हजार रुपये

2. पेट्रोल कार ( 2010 के बाद निर्मित) - 30 हजार से 45 हजार रुपये

3. पेट्रोल कार ( 2010 से पहले निर्मित)-  25 हजार से 32 हजार रुपये 

सीएनजी चालित वाहनों का माइलेज

एक किलो सीएनजी में शहर में औसत माइलेज 18 से 20 का है जबकि हाइवे पर 25 से 30 का माइलेज मिलता है। 

एक किट में क्या-क्या होता है

1. रिड्यूसर- जिसका मुख्य कार्य प्रेशर को कम करना होता है। 

2.  ईसीएम- यह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल मॉड्यूल है।

3. रिफिलिंग वॉल्व - जिसका मुख्य कार्य गैस को रिफिल करने हेतु इस्तेमाल किया जाता है।

4. सीलेंडर- गैस 12 से 14 किलो क्षमता के सीलेंडर में रखा जाता है। 

5. इंजेक्टर मेें पावर बूस्टर - इसकी भी आवश्यकता वाहनों में होती है। 

इस पूरे किट को बदलने में 5 से 6 घंटे का समय लगता है। जिसका एक ले आउट प्लान होता है। 

सीएनजी किट फिटमेंट कहां कराएं

1. हाउस नंबर 15, किदवईपुरी, ठाकुर प्रसाद कम्यूनिटी हॉल के पास, पटना

2. अमित फ्यूल सेंटर, पटना सिटी 

3. न्यू बाइपास, करमलीचक

4. ईशापुर फुलवारी 

5. तिवारी बेचर कंकड़बाग

6. राजेंद्र नगर रोड नंबर 12

7. रुकनपुरा, आरपीएस स्कूल के पास

सीएनजी पंप कहां-कहां 

1. रुकनपुरा, बेली रोड

2. टोल प्लाजा, दीदारगंज के समीप

इन तीन जगहों पर खुलेंगे नए सीएनजी स्टेशन

1. सोनाली एचपीसीएल पेट्रोल पंप, जीरो माइल

2. राकेश नवनीत एचपीसीएल, सगुना मोड़

3. संजीव यातायात, दीघा, बाटा फैक्ट्री

Posted By: Kajal Kumari

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