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मुजफ्फरपुर और भागलपुर MIT में बनेंगी नई यूनिवर्सिटी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा एलान

Published: Sun, 19 Jul 2026 04:13 AM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में मुजफ्फरपुर और भागलपुर में नई इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की।

दीक्षा समारोह में सीएम सम्राट चौधरी। (सोशल मीडिया)

दीक्षा समारोह में सीएम सम्राट चौधरी। (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर, भागलपुर में नई इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बनेगी।

  2. मुख्यमंत्री ने तीन इंजीनियरिंग परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

  3. छात्रों के शोध, नवाचार से बिहार होगा समृद्ध।

जागरण संवाददाता, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि मुजफ्फरपुर एमआईटी में आर्किटेक्चर एवं सिविल साइंस के लिए विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

भागलपुर एमआईटी में एआई एंड कंप्यूटर साइंस की यूनिवर्सिटी स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। छात्रों के शोध और संवाद से राज्य समृद्ध होगा।

इसके पहले ज्ञान भवन में आयोजित बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षा समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी और कुलपति प्रो. एसके वर्मा ने बीटेक एवं एमटेक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उपाधि एवं पदक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत तीन अवसंरचना परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया गया।

इनमें राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, किशनगंज में अतिरिक्त अवसंरचना निर्माण कार्य, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, सुपौल में 300 बेड क्षमता वाले अतिरिक्त बालिका छात्रावास भवन के निर्माण कार्य तथा राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई में नव निर्मित बालिका छात्रावास भवन पर एक अतिरिक्त तल के निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार आगमन पर मुझे टास्क दिया कि नालंदा तो स्थापित हो गया, अब आगे विक्रमशिला का रास्ता खोलो।

हमने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 220 एकड़ भूमि भारत सरकार को सौंप दी है। बिहार के 38 जिले में इंजीनियरिंग कालेज हैं। राज्य में 10 रुपये में इंजीनियरिंग और पांच रुपये में पॉलीटेक्निक की पढ़ाई होती है, यह दुनिया में कहीं नहीं हो सकता है।

भविष्य का रास्ता खोलने वाला दिन

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षा समारोह केवल डिग्री वितरण नहीं है। यह बिहार के भविष्य का रास्ता खोलने वाला दिन है। प्रदेश के छात्र शोध, संवाद और नई सभ्यता के बीच ज्ञान अर्जन करेंगे तभी बिहार और समृद्ध बनेगा।

21वीं सदी की अर्थव्यवस्था ज्ञान, डेटा, तकनीक और नवाचार से चलेगी। जो राज्य ज्ञान का उत्पादन करेगा, वही आर्थिक नेतृत्व करेगा।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आज आपको डिग्री मिल रही है। इंजीनियर की डिग्री से पहचान नहीं होती। नए इनोवेशन से छात्र की पहचान होती है। अपने ज्ञान बिहार जैसे गरीब राज्य को समृद्ध का रास्ता दिखाने के लिए प्रयोग करें। दुनिया के मानक पर तभी खड़ा हो पाएंगे जब हम दुनिया के साथ खड़े हो सकेंगे।

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