बक्सर से ही क्यों शुरू होगी CM सम्राट की यात्रा? नीतीश के ट्रेंड से अलग कदम, 'वचन' पूरा करने निकलेंगे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब जिलों का दौरा शुरू करेंगे, जिसकी शुरुआत बक्सर से होगी। इस दौरान वे विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था ...और पढ़ें

बिहार के जिलों के दौरे पर निकलेंगे सीएम सम्राट चौधरी। फाइल
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बक्सर से शुरू करेंगे जिलों का दौरा।
विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यों की समीक्षा होगी।
बाढ़ प्रभावित जिलों और बड़ी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रमण शुक्ला, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब जिलों के दौरे पर निकलेंगे। सरकार बनने के बाद राज्य स्तर पर बैठकों एवं विभागों की समीक्षा के उपरांत CM का फोकस अब जिलों में कामकाज की जमीनी स्थिति पर होगा।
इसी क्रम में 23 सितंबर को भगवान वामन द्वादशी समारोह को संबोधित करेंगे। भाजपा जिला मुख्यालय में पार्टी के जिला स्तरीय वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को दिए वचन भी पूरा करेंगे।
बक्सर जिले से शुरू करेंगे समीक्षा कार्यक्रम
संभव है कि इस दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठंधन (राजग) के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक भी करें। अहम यह है कि मुख्यमंत्री दौरे की शुरुआत भगवान राम की कर्मभूमि व ऋषि विश्वामित्र के आश्रम स्थल के रूप में प्रसिद्ध रहे बक्सर जिले से यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।
एक संयोग यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू प्रमुख नीतीश कुमार जहां अपनी हर यात्रा की शुरुआत महात्मा गांधी की कर्म भूमि पश्चिमी चंपारण से करते थे।
23 सितंबर को भगवान वामन द्वादशी समारोह को करेंगे संबोधित
वहीं, सम्राट ने अपने वंशजों की कर्म भूमि को यात्रा की शुरुआत के लिए चिह्नित किया है। निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार प्रस्तावित दौरों के दौरान वे विकास योजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
विदित हो कि मुख्यमंत्री के जिलेवार दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार कराने को कहा जा रहा है।
विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रमुख रूप से जान-माल, फसल, आधारभूत संरचना जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को सम्मिलित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जिलों में चल रही बड़ी परियोजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं।
जिला दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संवाद करने की संभावना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो को प्राथमिकता की संभावना
इससे जिलों की स्थानीय समस्याओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच सकेगी। सरकार का बल योजनाओं को कागज से आगे ले जाकर उनके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने पर रहेगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को भी मुख्यमंत्री के जिला दौरे में प्राथमिकता मिल सकती है। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से बड़े पैमाने पर जनजीवन एवं फसलों को नुकसान पहुंचा है।
ऐसे में राहत एवं पुनर्वास कार्यों, तटबंधों की स्थिति, कटाव और कृषि क्षति की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री के जिलों के दौरे को सरकार और संगठन, दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है।
काम की गति बढ़ाने का संदेश
सरकार के शुरुआती कार्यकाल में जिलों का फीडबैक लेकर प्राथमिकताएं तय करने और अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने का संदेश देने की तैयारी है। जिला स्तर पर समीक्षा के दौरान लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए समय-सीमा तय किए जाने की भी संभावना है।
सरकार का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के दौरे के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़े तथा योजनाओं की निगरानी मजबूत हो। जिलों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सरकार आगे की विकास कार्ययोजना में बदलाव भी कर सकती है।
