पटना, स्‍टेट ब्‍यूरो। मुख्यमंत्री (Chief Minister) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने रविवार को कहा कि जनता मालिक है, मौका देगी तो और काम करेंगे। हमलोगों ने जो काम किया है उससे लोगों को लाभ हुआ है। लोगों की अपेक्षाओं का औैर अधिक बढऩा स्वाभाविक है। यह भी कहा कि दिल्ली के भीतरी हिस्से में जाएं तो वहां भी जर्जर तार मिलेंगे, पर बिहार में जर्जर बिजली के तारों को बदल दिया गया है। राजधानी स्थित बापू सभागार में सहकारिता महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने ये बातें कही। उन्‍होंने सहकारिता क्षेत्र में जितनी भी जरूरत होगी, मदद देने का आश्‍वासन दिया।

बिहार में हासिल उपलब्धियों का किया जिक्र

सहकारिता महासम्‍मलेन में देश भर के सहकारिता नेताओं के अतिरिक्त सूबे के पैक्सों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस महासम्‍मेलन को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री ने बिहार में हासिल उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि अब हम भोजन के लिए दूसरे पर निर्भर नहीं हैैं। धान, गेहूं और मक्का के उत्पादन में आगे बढ़े हैैं। गांव के टोलों तक सड़क पहुंचाने की योजना इस वर्ष पूरी हो जाएगी। चुनाव में जाने से पहले हर घर नल का जल योजना के काम को पूरा कर लिया जाएगा।

कहा- बिजली के क्षेत्र में दिल्‍ली से बेहतर काम

उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली के भीतरी हिस्से में जाएंगे तो वहां भी आपको जर्जर तार मिलेंगे, पर बिहार में जर्जर बिजली के तारों को बदल दिया गया है। कृषि फीडर का काम भी आरंभ किया गया है।

पैक्सों को कृषि यंत्र खरीदने पर देंगे सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पैक्सों को सरकार 15 लाख रुपए का कृषि यंत्र देगी। इस योजना के तहत 2917 पैक्सों के लिए प्रथम किस्त जारी हो गयी है। वे चाहते हैैं कि पैेक्स इस राशि से फसल अवशेष को जलाने से रोकने में मददगार यंत्र को खरीदें। ऐेसे यंत्रों पर 75 फीसद की सब्सिडी है। पैक्सों को ऐसे कृषि यंत्रों को खरीदने पर सब्सिडी दी जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि पैक्सों का कंप्यूटरीकरण हो रहा है। सहकारी संस्थाओं के लिए जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में सहकार भवन का निर्माण होगा। 22 जगहों पर सहकार भवन का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।

'जल-जीवन-हरियाली' अभियान की भी चर्चा

सहकारिता महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान की भी विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने पैक्सों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह परामर्श दिया कि सरकारी विद्यालयों व दफ्तरों की तरह वे लोग भी अपने कार्यालयों में महीने के पहले मंगलवार को एक घंटेे पर्यावरण पर चर्चा करें।

ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहकारिता से जोड़ने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहकारिता से जोड़ें। जितने अधिक लोगों को जोड़ेंगे उतना ही अधिक विकास होगा। इस क्षेत्र में काम कर रहे लोग चाहे किसी भी दल में रहें, कोई फर्क नहीं पड़ता है, हम तो इज्जत सहकारिता की करेंगे।

Posted By: Amit Alok

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