पटना, जेएनएनए। Bihar Politics:  विधान सभा चुनाव (Assembly Polls) के दौरान पक्ष -विपक्ष ने जो एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्‍यारोप लगाए थे, वह खीझ आज शुक्रवार (27 नवंबर) को सदन में भी देखने को मिली। विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव (Leader of Opposition Tehashwi Yadav) ने सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर व्‍यक्तिगत टिप्‍पणी की। इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद गुस्से में दिखाई दिए। उनका यह रूप पहले कभी नहीं दिखा था। सामान्य तौर वे कड़वी बातें भी व्यंंग्यात्मक लहजे में करते रहे हैं। पर सदन में नेता प्रतिपक्ष की बातों से उनके सब्र का बांध टूट गया। वैसे सदन से बाहर आते ही वे शांत दिखाई दिए। कहा कि हमने तो चुनाव में मजाक वाले अंदाज में बच्चे की बात कही थी। प्रजनन दर की चर्चा के क्रम में यह बात हुई थी।

जब गुस्‍सा हुए सीएम नीतीश

मुख्यमंत्री ने गुस्से में सदन में खड़े होकर कहा कि ये (तेजस्‍वी यादव ) मेरे भाई समान दोस्त (लालू यादव) का बेटा है इसलिए हम सुनते रहते हैं, हम कुछ नहीं बोलते हैं, बर्दाश्‍त करते रहते हैं। इसके पिता को लोकदल में विधायक दल का नेता किसने बनाया था, इसको मालूम नहीं है। मगर ये सारी बात एक-एक लोग जानते हैं। आक्रोश में पूछा, इसे डिप्‍टी सीएम किसने बनाया था। 2017 में जब इस पर आरोप लगे तो हमने कहा कि जाकर 'एक्सप्लेन' (सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करना) करो। नहीं किया तो अलग हो गए। आज चार्जशीटेड हैं। अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच होगी और कार्रवाई होगी। नीतीश कुमार ने थोड़ी देर बाद शांत होते हुए कहा कि आगे बढ़ना है तो मर्यादा में रहना सीखना होगा।

मर्यादा की बात पर उठ खड़े हुए नीतीश

 तेजस्वी के आरोपों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में कोर्ट का वह आदेश  पढ़कर सुनाया, जिसमें नीतीश पर किसी तरह के आरोप से इन्कार किया गया है। फिर भी तेजस्वी शांत नहीं हुए और लगातार नीतीश कुमार पर आरोप लगाते रहे। कुछ देर तक नीतीश अपने स्थान पर बैठकर गंभीर मुद्रा में सबकुछ सुनते रहे, परंतु अचानक वह फट पड़े। खड़े होकर नीतीश ने तेजस्वी की ओर इशारा कर कहा, 'झूठ बोलता है ये'।  नीतीश कुमार का हल्का गुस्सा कभी-कभी उनकी सभाओं में प्रकट होता रहा है। पूर्व में कुछ सभाओं में वेतन बढ़ोतरी को लेकर नियोजित शिक्षकों ने नारेबाजी की थी। इस पर नीतीश थोड़ा गुस्सा हुए थे। इसी तरह परसा की चुनावी सभा में उनका गुस्सा कुछ देर के लिए दिखा था।

 

स्‍थगित करनी पड़ी सदन की कार्यवाही

जिस वक्त मुख्यमंत्री गुस्से में बोल रहे थे, उसी वक्त जदयू के सदस्य वेल की ओर आ गए। इधर राजद की ओर से भी कुछ सदस्य वेल में आ गए। दोनों के बीच बात बढ़ती, इसके पूर्व ही विधानसभा अध्यक्ष को हंगामे के मद्देनजर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। इधर हंगामे को देख मार्शल भी सदन में पहुंच गए। आसन से लगातार सदन की कार्यवाही स्थगित करने का एलान हो रहा था, लेकिन नीचे तकरीबन तीन मिनट तक हंगामा जारी रहा। तीन मिनट के बाद अधिसंख्य सदस्य सदन के बाहर चले गए।

तेजस्‍वी यादव के बिगड़े बोल

बता दें कि नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि चुनाव के दौरान मुख्‍यमंत्री बच्‍चे गिन रहे थे। इनको शोभा देता है क्‍या।  मेरे माता-पिता के बारे में कहा था कि बेटी पर भरोसा नहीं था। बेटे की की चाह में बेटी पैदा करते रहे। बता दें कि हम दो भाइयों के बाद भी एक छोटी बहन है। मुख्‍यमंत्री का भी एक बेटा है। है कि नहीं ये तो वे ही बताएंगे... इस क्रम में तेजस्‍वी सीएम की ओर मुड़कर बोल रहे थे तब विधान सभा अध्‍यक्ष ने कई बार टोका  कि नेता प्रतिपक्ष सीएम नहीं आसन की ओर देखकर बोलें।

तेजस्‍वी यादव यहीं नहीं रूके, उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पर हत्‍या  का मुकदमा चला।  साहित्‍यिक चोरी का आरोप लगा । कहा कि यह सरकार फर्जी है। अरे भाई, चोर दरवाजे से आए हैं तो कुछ काम कर लीजिए।

इस बीच सदन में पक्ष और विपक्ष ने भारी हंगामा किया। विधान सभा अध्‍यक्ष के निर्देश पर व्‍यक्तिगत टिप्‍पणी सदन की कार्यवाही से हटा दी गई है।

तेजस्वी के सवाल, नीतीश के जवाब

तेजस्वी : जनादेश की चोरी हुई थी?

नीतीश : 2017 में जब आरोप लगे, हमने कहा कि जाकर एक्सप्लेन करो? क्यों नहीं किया? हम अलग हो गए तो क्या काम रुक गया?

तेजस्वी : इस बार का जनादेश परिवर्तन का था, हमें अधिक वोट मिले

नीतीश : बहुमत की बात करते रहते हैं। चुनाव में जनता मालिक होती है। इधर 125 हैं। आप ही तय कर लें किसके पास बहुमत है। अगर किसी को गलत लगता है तो कोर्ट जा सकता है।

तेजस्वी : मुख्यमंत्री को पांडुलिपि की चोरी में जुर्माना देना पड़ा

नीतीश : मैं तो कुछ कहता नहीं। हम कहां कह रहे हैं कि चार्जशीटेड हैं। कोर्ट ने खुद संज्ञान (काग्निजेंश) लिया है। मेरे बारे में आरोप लगा दिया। हाईकोर्ट का फैसला है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। विजय बाबू ने पढ़ दिया है।

विपक्ष ने कहा, यह तो शुरुआत है

राजद के नेताओं ने कहा कि आज जो हुआ वह तो शुरुआत है। इससे भी ज्‍यादा व्‍यक्तिगत टिप्‍पणी होगी। कांग्रेस के विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि मुख्‍यमंत्री को इतने आक्रोश में मैंने कभी नहीं देखा था। उन्‍हें इतना गुस्‍सा नहीं होना चाहिए था। किसी ने कुछ कह भी दिया तो जवाब दे देते।

वहीं डिप्‍टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने सदन के अंदर बचकानी हरकत की है। सदन की मर्यादा का ध्‍यान रखना चाहिए।

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