पटना [स्‍टेट ब्‍यूरो]। नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Ammendment Bill) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens) को लेकर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर लगातार हमलावर बने जनता दल यूनाइटेड JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से मुलाकात की।

बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने जेडीयू से अपना इस्‍तीफा देने की पेशकश की, जिसे पार्टी सुप्रीमो नीतीश कुमार ने स्‍वीकार नहीं किया। सीएम आवास से निकलने के बाद प्रशांत किशोर (PK) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अपना स्‍टैंड नहीं बदलेंगे।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद सीएम आवास (एक अणे मार्ग) से बाहर निकलने पर पीके ने दो-टूक कह दिया है कि वे जेडीयू में राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को छोड़कर किसी और का नोटिस नहीं लेते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि नागरिकता कानून और एनआरसी के मुद्दे पर उन्हें जो कहना था, उसे सरेआम (पब्लिकली) कह दिया है। वे अपने स्टैंड पर आज भी कायम हैं। इसमें संशोधन का सवाल नहीं उठता। 

नागरिकता कानून पर पार्टी लाइन से अलग बयान देने वाले पीके ने कहा कि उन्होंने अपनी बात मुख्यमंत्री से कह दी है। उन्हें जो भी निर्णय लेना होगा, लेंगे। उल्लेखनीय है कि पीके नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हैं, जबकि जेडीयू ने संसद के दोनों सदनों में इसका समर्थन किया है। इसी मुद्दे पर हफ्ते भर से जेडीयू में बयानबाजी जारी है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने भी प्रशांत किशोर को खरी-खोटी भी सुना दी थी। 

प्रशांत किशोर की सीएम से मुलाकात पहले से तय थी, इसीलिए दिल्ली से पटना आकर सीधे वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। प्रशांत किशोर ने यह भी स्वीकार किया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने इस्तीफे की भी पेशकश की थी, जिसे नीतीश कुमार ने अस्वीकार कर दिया और कहा कि आप जेडीयू में हैं और बने रहेंगे। 

प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री भी एनआरसी के पक्ष में नहीं हैं। एनआरसी और सीएबी अगर एक साथ लागू होते हैं तो यह खतरनाक होगा। हालांकि, इस मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद पार्टी का पक्ष रखेंगे। 

अपने बारे में आरसीपी सिंह के बयान की याद दिलाने पर प्रशांत ने कहा कि आरसीपी बड़े नेता हैं। मुझपर जिसे जो आरोप लगाना है, लगाए। मेरे बारे में कौन क्या बोलता है, सबका जवाब मैं नहीं दे सकता। मैं किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करूंगा। मैंने अपनी पूरी बात नीतीश कुमार के सामने रख दी है। उन्होंने कहा है कि यह सब मुझ पर छोड़ दीजिए। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही कुछ कह सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि पीके ने जदयू के फैसले का खुलकर विरोध किया था, जिसके बाद आरसीपी सिंह ने भी तेवर तल्ख कर लिये थे। आरसीपी ने यहां तक कह दिया था कि जिसे पार्टी का फैसला मंजूर नहीं वह बाहर का रास्ता देख सकता है। 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए काम करने के सवाल पर पीके ने कहा कि उनके साथ मैं नहीं काम कर रहा हूं, बल्कि आईपैक (कंपनी) काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आईपैक से वह जुड़े हुए हैं और आम आदमी पार्टी ने कंपनी से संपर्क किया था। आईपैक के लोग काम करेंगे। मुझसे जो मदद मांगी जाएगी, मैं दूंगा। 

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