राज्य ब्यूरो, पटना:  इस्पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया गया है। खास बात यह कि इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह की अध्यक्षता वाली इस 15 सदस्यीय समिति में सांसद चिराग पासवान और जदयू सांसद दिनेशचंद्र यादव समेत बिहार के पांच लोग सदस्य बनाए गए हैं। इस्पात राज्यमंत्री समिति के उपाध्यक्ष हैं। इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह की समिति में जमुई के सांसद चिराग समेत बिहार से चार सदस्य शामिल किए गए हैं। 

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मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा लोकसभा से नामित सांसद संजय सेठ (झारखंड) एवं सुनील कुमार सोनी (छत्तीसगढ़), जबकि राज्यसभा से दिनेशचंद्र जेमलभाई अनावाडिया (गुजरात) और नरेश गुजराल (पंजाब) को समिति में सदस्य बनाया गया है। वहीं संसदीय राजभाषा समिति द्वारा नामित सांसद चिराग पासवान और दिनेश चंद्र यादव सदस्य हैं। समिति में इस्पात मंत्रालय द्वारा विधान पार्षद डा. रामवचन राय (बिहार), पूर्व सांसद स्व. डा. रमेंद्र कुमार रवि के पुत्र एवं जदयू नेता डा. अमरदीप, डा. रिंकु कुमारी (नई दिल्ली) एवं सुधीर कुमार (मध्य प्रदेश) को सदस्य मनोनीत किया गया है। केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के तौर पर गोपाल कृष्ण फरलिया (नई दिल्ली) और महेश बंशीधर अग्रवाल (महाराष्ट्र) समिति में सदस्य बनाए गए हैं। 

आरसीपी की टीम में एंट्री का क्या है संकेत?

गौरतलब है कि पिछले साल संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का विरोध कर रहे थे। अपनी हर रैली में चिराग जनता से नीतीश की पार्टी को वोट न देने के लिए कह रहे थे। चिराग अपनी पार्टी और परिवार में टूट का जिम्मेदार नीतीश को ही बता रहे हैं। वहीं हाल ही में केंद्रीय मंत्री बने आरसीपी सिंह जदयू से हैं। मंत्री बनने से पहले आरसीपी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनके इस्पात मंत्रालय का जिम्मा संभालने पर जदयू की कमान ललन सिंह को सौंपी गई। अब सवाल यह है कि चिराग की आरसीपी की टीम में एंट्री का संकेत क्या है?

Edited By: Akshay Pandey