Child Sponsorship Scheme: एकल परिवार के बच्चों को बड़ी राहत, अब हर माह मिलेंगे 6 हजार रुपये
केंद्र सरकार ने स्पॉन्सरशिप योजना के तहत एकल परिवार या माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए मासिक सहायता राशि 4,000 ...और पढ़ें

एकल परिवार के बच्चों को बड़ी राहत
HighLights
सहायता राशि 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह की गई।
एकल परिवार और माता-पिता खो चुके बच्चों को मिलेगा लाभ।
बाल संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा, शिक्षा और परवरिश सुनिश्चित।
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र सरकार ने स्पॉन्सरशिप योजना के तहत एकल परिवार या कमाने वाले अभिभावक को खो चुके बच्चों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है। अब इस योजना के अंतर्गत बच्चों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। पहले यह राशि चार हजार रुपये थी। राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
बाल संरक्षण के तहत लिया गया अहम निर्णय
स्पॉन्सरशिप योजना बाल संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता देना है, जो कठिन पारिवारिक परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से बच्चे अपने परिवार के साथ सुरक्षित वातावरण में रह सकेंगे और उनकी पढ़ाई व परवरिश बाधित नहीं होगी।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को दिया जाता है, जिनके माता-पिता में से एक या दोनों का निधन हो चुका हो। इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, या ऐसे बच्चे जिनकी देखभाल करने में परिवार असमर्थ है, वे भी इस योजना के पात्र हैं।
एकल परिवारों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एकल परिवारों में रह रहे बच्चों को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे परिवार जहां एक ही अभिभावक बच्चों की जिम्मेदारी निभा रहा है, वहां आर्थिक सहायता से बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकेगा।
राज्य और केंद्र सरकार की साझा भागीदारी
स्पॉन्सरशिप योजना में केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी होती है। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है। राशि बढ़ने के बाद राज्यों पर भी अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारी आएगी, लेकिन बच्चों के हित में इसे जरूरी कदम बताया गया है।
बिहार में पहले से हजारों बच्चे जुड़े
बिहार में इस योजना से पहले ही करीब 12 हजार बच्चे जुड़े हुए हैं। सामाजिक कल्याण विभाग के अनुसार, राशि बढ़ने से और अधिक जरूरतमंद बच्चों को योजना से जोड़ा जाएगा। केंद्र से औपचारिक निर्देश मिलने के बाद जल्द ही नई दर से भुगतान शुरू किया जाएगा।
2014 से लागू है स्पॉन्सरशिप योजना
स्पॉन्सरशिप योजना वर्ष 2014 से देशभर में लागू है। समय-समय पर इसमें बदलाव कर इसे अधिक प्रभावी बनाया गया है। बाल संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए राशि बढ़ाना जरूरी था।
सरकार का दावा—बच्चों का भविष्य होगा सुरक्षित
सामाजिक कल्याण मंत्रालय का कहना है कि इस फैसले से हजारों बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न सिर्फ उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी जुड़े रह सकेंगे।
