पटना। कोरोना की तीसरी लहर में आशंका के विपरीत संक्रमित होने वालों में बच्चों की संख्या काफी कम रह रही है। एक जनवरी से अबतक के जो आंकड़े हैं, उसके अनुसार अबतक संक्रमित हुए लोगों में नवजात से 18 आयुवर्ग के बच्चे व किशोर सिर्फ 7.7 प्रतिशत ही हैं। इनमें 11 से 14 वर्ष के बच्चों की संख्या सबसे कम है, जबकि 15 से 18 आयुवर्ग के किशोरों की संख्या सबसे अधिक है।

एम्स पटना के कोरोना नोडल पदाधिकारी डा. संजीव कुमार के अनुसार इसका कारण वैज्ञानिक के बजाय सामाजिक ज्यादा है। 11 से 14 आयुवर्ग के बच्चों के स्कूल संक्रमण तेज होते ही बंद कर दिए गए और इसके बाद वे घर से बाहर भी कम निकले। वहीं, इस आयुवर्ग के बच्चे मास्क पहनने में भी दूसरों से ज्यादा गंभीर होते हैं।

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15 से 18 वर्ष में संक्रमण को देखकर ही शुरू हुआ टीकाकरण

एक से 17 जनवरी तक 0 से 10 आयुवर्ग यानी दस साल के अंतराल वाले कुल 279 बच्चे ही कोरोना संक्रमित हुए हैं। वहीं, चार-चार आयु अंतराल यानी 11 से 14 आयुवर्ग के संक्रमितों की संख्या 204 और 15 से 18 आयुवर्ग के 499 किशोर संक्रमित हुए। इसका कारण हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को देखते हुए 15 से 18 आयुवर्ग के बच्चों को कोचिग व स्कूल के साथ कई कार्यों से बाहर जाना पड़ता है। साथ ही इस आयुवर्ग के बच्चे मास्क आदि पहनने को लेकर बहुत गंभीर नहीं होते हैं। यही कारण है कि 12 से 18 वर्ष के बच्चों में को-वैक्सीन का परीक्षण होने के बावजूद सरकार ने 15 से अधिक व 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का टीकाकरण शुरू करा दिया।

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आयुवर्ग, महिला रोगी, पुरुष रोगी, कुल, प्रतिशत में संक्रमित, भर्ती प्रतिशत में

-0-10-- 112-- 167--279-- 2.2--00 -11-14-- 89--115-- 204-- 1.6---0.2 -15-18-- 208-- 291-- 499-- 3.9 --0.1 -19-24-- 589-- 957-- 1546-- 12.1--0.7 -25--49-- 2269--4784--7053-- 55.3--1.5 -50-74-- 949-- 1957-- 2906-- 22.8--1.1 -75--99-- 88-- 177-- 265-- 2.1---0.3

संकमण के तेवर :

-7.7 प्रतिशत है 18 से कम उम्र के बच्चों-किशोरों की संख्या कुल संक्रमितों में

-0 से 10 वर्ष के 279 बच्चे हुए संक्रमित, नहीं आ रही भर्ती कराने की स्थिति

-499 किशोर संक्रमित हुए जिनकी उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच, सबसे अधिक

Edited By: Jagran