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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandra Grahan 2022: बिहार में 46 मिनट तक रहा चंद्रग्रहण, 12 राशियों पर इसका प्रभाव जानें

By Jagran NewsEdited By: Rahul Kumar
Published: Mon, 07 Nov 2022 01:03 PM (IST)Updated: Tue, 08 Nov 2022 06:34 PM (IST)

Chandra Grahan 2022 साल का आखिरी चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक चंद्रग्रहण का 12 राशियों पर ...और पढ़ें

Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। सांकेतिक तस्वीर
Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। सांकेतिक तस्वीर

पटना, जागरण टीम। Lunar Eclipse 2022: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को विशेष माना गया है। स्कंद पुराण में कार्तिक माह को सभी मासों में श्रेष्ठ, रोग विनाशक, मुक्ति प्रदान करने वाला माह बताया गया है। ऐसे में कार्तिक मास की पूर्णिमा का महत्‍व और भी बढ़ जाता है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के तौर पर भी मनाया जाता है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन आठ नवंबर को वर्ष का आखिरी चंद्रग्रहण लगा। इसके पहले चंद्रग्रहण 16 मई को लगा था।

बिहार में 46 मिनट तक रहा चंद्रग्रहण

ज्योतिष आचार्य पीके युग ने पंचांगों के हवाले से बताया कि मंगलवार को चंद्रग्रहण 5.32 बजे आरंभ होकर शाम 6.18 बजे तक रहा। वहीं चंद्रग्रहण का सूतक काल मंगलवार को सुबह 9.21 बजे से आरंभ होकर शाम 6.18 बजे समाप्त हुआ। यह चंद्रग्रहण राजधानी पटना सहित देश के विभिन्न स्थानों पर दिखाई दिया।

सूतक काल के दौरान नहीं की गई पूजा

चंद्रग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पूर्व आरंभ होने के साथ इस दौरान मंदिरों व घरों में पूजा अर्चना समेत अन्य मांगलिक कार्य नहीं हुए। वहीं चंद्रग्रहण के बाद स्नान आदि कर भगवान की पूजा-अर्चना घरों से लेकर मंदिरों में हुई। वहीं कार्तिक पूर्णिमा पर भरणी नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना रहा। 

सूतक लगने से पहले किया गंगा स्नान 

व्रत की पूर्णिमा के दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के साथ मंदिरों व घरों में पूजा अर्चना की। कार्तिक स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान किया। 

भोजन करने की भी मनाही 

वहीं चंद्रग्रहण के दौरान पूजा पाठ, भोजन आदि करने की मनाही रही। वहीं गर्भवती महिलाएं चंद्रग्रहण के दौरान सब्जी काटने, भोजन बनाने का कार्य नहीं किया। चंद्रग्रहण के बाद भी लोग गंगा स्नान कर भगवान की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराने के बाद विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। 

विभिन्न राशियों पर पड़ेगा प्रभाव 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रग्रहण मेष राशि एवं भरणी नक्षत्र में लगा। ऐसे में इस राशि एवं नक्षत्र वाले लोगों के लिए चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा को देखने की मनाही रही। इसके अलावा वृष, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर एवं मीन राशि वाले के लिए अशुभ फल देने वाला है। इन राशि वाले चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। चंद्रग्रहण के दौरान सूतक काल में स्नान, दान, मंत्र जाप, तीर्थ स्नान लाभकारी होता है। सूतक काल में मूर्ति स्पर्श, भोजन करना, मल-मूत्र का त्याग करना, नाखून, बाल, दाढ़ी बनाना, भोजन बनाना आदि कार्यो से बचने की जरूरत है। 

इन राशि पर पड़ेगा प्रभाव 

मेष - शारीरिक कष्ट, धन हानि 

वृष - मानसिक संताप, धन हानि 

मिथुन - धन लाभ, शारीरिक सुख 

कर्क - शारीरिक कष्ट, शत्रु भय

सिंह - संतान संबंधी चिंता 

कन्या - खर्च की अधिकता, दुर्घटना 

तुला - स्त्री को कष्ट, कर्मक्षेत्र में बाधा 

वृश्चिक - कार्य में विलंब, रोग ग्रस्त 

धनु - खर्च में वृद्धि, भागदौड़ 

मकर - कार्य सिद्धि, धन लाभ

कुंभ - कार्य में प्रगति, पुरुषार्थ में वृद्धि 

मीन - यात्रा में वृद्धि, धन हानि