पटना, जेएनएन। राजधानी में सभी मतदाताओं का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाएगा। मतदाता सूची के सत्यापन का अभियान एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान सभी बीएलओ अपने मतदान केंद्र की निर्वाचक सूची का गृहवार सत्यापन करेंगे। इसके लिए बीएलओ मोबाइल एप का इस्तेमाल करेंगे।


अपने मतदान केंद्र के सभी मतदाताओं का डाटा स्मार्टफोन (अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल) में ले लेंगे। आमजन घर बैठे ऑनलाइन मतदाता सूची का सत्यापन खुद भी कर सकेंगे। साथ ही आवासीय प्रमाण पत्र भी अपलोड कर सकेंगे।


इसी अवधि में निर्वाचकों द्वारा समर्पित दस्तावेजों का सत्यापन भी बीएलओ करेंगे। मतदाता सत्यापन अभियान के तहत गृहवार सत्यापन के क्रम में निर्वाचक त्रुटियों में सुधार किया जाएगा। ऑनलाइन भी सुधार कराया जा सकता है। बीएलओ मृत निर्वाचकों तथा अपने निवास से अनुपस्थित निर्वाचकों की जांच करेंगे एवं प्रपत्र-7 प्राप्त कर मतदाता सूची से ऐसे नामों के विलोपन की कार्रवाई करेंगे। निर्वाचन सूची में नाम दर्ज कराने के समय पहचान पत्र देना होगा। इसमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राशन कार्ड, सरकारी व अ‌र्द्धसरकारी कार्यालयों द्वारा निर्गत पहचानपत्र, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित अन्य दस्तावेज मान्य होंगे।

सत्यापन के दौरान नाम जुड़वाने के लिए बीएलओ को प्रपत्र-6 दे सकते हैं। एक जनवरी 2020 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले भी प्रपत्र दे सकते हैं। मतदाता सहायता केंद्र 1950 से किसी भी तरह की जानकारी के लिए कॉल की जा सकेगी और अपना फीडबैक दिया जा सकेगा। जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 15 अक्टूबर को फोटो निर्वाचक सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिहार की वेबसाइट पर भी फोटो निर्वाचक सूची का विधिवत प्रकाशन होगा। 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच दावों और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निष्पादन 15 दिसंबर को किया जाएगा। फोटो निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन एक जनवरी से 15 जनवरी 2020 के बीच किया जाएगा।

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