पटना सिटी। वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने शनिवार को अगमकुआं स्थित आरएमआरआइ परिसर से दो मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अत्याधुनिक उपकरणों, चिकित्सक व कर्मी से लैस इस बड़ी बस में टीबी तथा टीबी के गंभीर स्तर एमडीआर की जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि डेढ़ वर्षों तक यह वैन बिहार के 27 जिलों के चिह्नित 55 कलस्टर में जाकर 44 हजार नमूनों की जांच करेगी। मरीज का समुचित इलाज किए जाने की व्यवस्था भी की जाएगी। एक बस को गया तथा दूसरी को वैशाली के लिए रवाना किया गया।

मौके पर मौजूद आरएमआरआइ के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए इस अत्याधुनिक वैन में टीबी के मरीज की छाती का एक्सरे करने के लिए डिजिटल एक्सरे मशीन, बलगम जांच के लिए सीबीनेट सिस्टम, वाइफाइ सुविधा, कैमरा, जीपीएस सिस्टम लगा है। मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि शहर व गांव में घूम कर टीबी के मरीजों की पहचान एवं जांच करने वाले इस वैन से टीबी मरीज का सर्वे भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1956 के सर्वे के बाद दूसरी बार इतने बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाली सरकार के प्रयास से सर्वे शुरू हो रहा है।

इस अभियान में हर एक नागरिक का सहयोग अपेक्षित है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. कृष्णा पांडे, डॉ. वी एन आर दास, डॉ. आर के टोपनो, डॉ. वहाब अली, डॉ. सीएस लाल, डॉ. एन ए सिद्दीकी, डॉ. उदय, संजय चौबे, नरेश सिन्हा व अन्य थे।

Posted By: Jagran

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