पटना, जागरण संवाददाता। CBSE 10th Result Updates केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं का रिजल्‍ट जारी कर दिया है। रिजल्‍ट घोषित करने के लिए सीबीएसई ने 15 जुलाई तक की अवधि निर्धारित की थी, लेकिन इसमें विलंब (Late Result) हुआ। बिहार की बात करें तो रिजल्‍ट में विलंब के पीछे आंतरिक मूल्‍यांकन की प्रक्रिया में स्‍कूलों की लापरवाही भी रही। पटना जोन (CBSE Patna Zone) में शामिल बिहार-झारखंड (Bihar-Jharkhand) के 170 से ज्यादा स्कूलों ने 10वीं में मानक से ज्यादा अंक दे दिए थे, जिनमें सुधार किए जाने के कारण कुछ विलंब हुआ।

इस साल आंतरिक मूल्‍यांकन के आधार पर रिजल्‍ट

इस साल कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के कारण सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा (CBSE 10th Board Examination) नहीं ली। सीबीएसई ने आंतरिक मूल्‍यांकन (Internal Evaluation) के आधार पर रिजल्‍ट प्रकाशित किया है। बोर्ड ने पटना जोन के 1600 स्‍कूलों के करीब डेढ़ लाख से अधिक परीक्षार्थियों के रिजल्‍ट जारी किए हैं।

मूल्‍यांकन में मिलीं त्रुटियां, सुधार में हुआ विलंब

बिहार व झारखंड में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त 10वीं स्‍तर के 1600 स्कूल हैं। सीबीएसई ने उन स्‍कूलों द्वारा आंतरिक मूल्‍यांकन के लिए मानक तय कर दिए थे। उनमें कई ने अपने छात्र-छात्राओं को मानक से अधिक अंक दे दिए थे। आंतरिक मूल्‍यांकन में त्रुटियां पाकर सीबीएसई ने इसमें सुधार का निर्देश (Instruction For Correction) दिया। इस प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ। सीबीएसई पाटलिपुत्रा सहोदय के अध्यक्ष डा. राजीव रंजन सिन्हा ने माना कि अगर सीबीएसई के मानकों का सभी स्‍कूल पालन करते तो 10वीं के रिजल्‍ट में विलंब नहीं होता।

पटना के कई स्‍कूलों ने की मानकों की अवहेलना

पटना की बात करें तो करीब एक दर्जन स्‍कूलों ने सीबीएसई के तय मानकों की अवहेलना करते हुए अंक दिए थे। इनमें कई बड़े व प्रतिष्ठित स्‍कूल शामिल थे। बोर्ड के आदेश पर ऐसे स्‍कूलों ने आंतरिक मूल्‍यांकन के तय मानकों के अनुसार रिजल्ट में सुधार किया। इसके बाद बोर्ड ने रिजल्‍ट जारी किया।

Edited By: Amit Alok