पटना, जेएनएन। औषधि विभाग की टीम ने गुरुवार को राजधानी के बाईपास इलाके में स्थित जकरिया पुल के पास एक घर में गुरुवार को छापेमारी कर पांच लाख की आयुर्वेदिक दवाएं बरामद कीं। औषधि निरीक्षक राजेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में शाम को छापेमारी की गई।

जानकारी के अनुसार, जो कंपनी आयुर्वेदिक दवाएं बना रही थी, उसने अभी तक औषधि विभाग से लाइसेंस नहीं लिया था। जिस घर से दवाएं बरामद की गईं, वह एक होमियोपैथिक डॉक्टर का है। वाल्मिकी प्रसाद ने उसे किराए पर ले रखा था। औषधि निरीक्षक ने कहा कि वाल्मिकी प्रसाद ने कई कंपनियों के रैपर रखे हुए थे। कई बार किसी अन्य कंपनी की दवा पर दूसरी कंपनी का रैपर लगाकर माल बेच देता था। दवाओं की जांच का काम शुक्रवार को भी जारी रहेगा। ज्ञात हो कि पूर्व में राजधानी के पटना सिटी इलाके में कई प्रसिद्ध कंपनियों के उत्पादों क बिक्री नकली रैपर के साथ पकड़ी गई है।

जो दवाएं मिली हैं, उनमें आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और यूनानी दवाएं हैं। इनमें सेक्सवर्धक कैप्सूल, पेन किलर ज्यादा हैं। बरामद सामान की कीमत दस लाख रुपये है। ड्रग इंस्पेक्टर मो़ कयूमउद्दीन अंसारी ने बताया कि फैक्ट्री में जो दवाएं बनाई जा रही थीं, वे नकली हैं। उनके मुताबिक, फैक्ट्री कदमकुआं चूड़ी मंडी का रहने वाला वाल्मीकि प्रसाद की बताई गई है। फैक्ट्री व गोदाम स्व़ राजकुमार उर्फ रूदल कुमार के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे थे। छापेमारी की भनक लगते ही फैक्ट्री मालिक फरार हो गया। .

एक्सपायर दवाएं भी मिलीं

इस फैक्ट्री से पुलिस ने न्यूमोस्लाइड दवा बरामद की है जो एक्सपायर हो चुकी है। लगभग 15 से 20 बड़ी कम्पनियां की नकली दवाएं भी इस फैक्ट्री से मिली हैं। बताया जाता है कि दूसरे राज्यों में नकली दवा की सप्लाई आरोपित वाल्मीकि करता था। कई कागजात भी उसकी फैक्ट्री से मिले हैं।

Posted By: Akshay Pandey

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