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पटना । राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निपटारे में प्राधिकृत एजेंसी द्वारा कोताही बरतने का मामला सामने आया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ई-कचरे के निस्तारण के लिए शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में एजेंसियां शामिल नहीं हुई। बोर्ड ऐसे संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा जो ई-कचरे के निस्तारण में कोताही बरत रहे हैं। उक्त बातें बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन पर आहूत बैठक में कहीं।

उन्होंने कहा कि नई नियमावली में गैर प्राधिकृत संस्था और व्यक्ति द्वारा ई-कचरे को एक स्थान से दूसरी जगह ले जाना अवैध कारोबार की श्रेणी में शामिल है। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड की ओर से 84 एजेंसियों की जांच की गई जिन्हें ई-कचरे के प्रबंधन के लिए प्राधिकृत किया गया है। प्राय: सभी एजेंसियां प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपस्कर, उसके घटक और स्पेयर पा‌र्ट्स का उपभोग, बिक्री, संग्रह और भंडारण करते हैं उन्हें कुछ जिम्मेदारियां नई नियमावली में निर्धारित की गई है। ऐसी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करना ई-कचरा प्रबंधन कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

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Posted By: Jagran

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