पटना [जेएनएन]। कनाडा की पूर्व सांसद डॉ. रूबी ढाला ने कहा कि उन्हें गर्व है कि जिस स्थल पर दशमेश गुरु का जन्म हुआ, उस पावन धरती की मिट्टी को सिर पर लगाने का अवसर मिला। यहां मत्था टेकने के बाद नई ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि वे बिहार औैर सीएम नीतीश कुमार से प्रभावित हुई हैं।

रूबी ने कहा कि आज नीतीश कुमार की लोकप्रियता पूरे विश्व में है। पहली बार बिहार में अंतरराष्ट्रीय सिख सम्मेलन कराकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। वे तो नीतीश की फैन हो गई हैं।

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पूर्व सांसद ने तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में निशान साहिब की परिक्रमा करने के दौरान कहा कि गुरु महाराज की मेहरबानी हुई तो दोबारा सांसद बनकर कनाडा में सर्वोच्च पद हासिल करूंगी। रूबी को ग्रंथी करतार सिंह ने सिरोपा देकर सम्मानित किया। उन्होंने तख्त साहिब में मत्था टेका व लंगर छका।

जागरण से खास बातचीत में रूबी ढ़ाला ने बताया कि जब वे 10 वर्ष की थीं मो पिता की मौत हो गई। इकलौते भाई डॉ. नील और मां ने पालन-पोषण किया। समाजसेवा से उन्हें लोकप्रियता मिली। 2004 में कनाडा में सांसद बनीं।

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रूबी ढ़ाला, एक परिचय...

- रूबी ढाला का जन्म विनिपेग (कनाडा) में रहने वाले एक पंजाबी परिवार में हुआ था।

- जब वे 10 साल की थीं, जब पिता की मौत हो गई। लालन-पालन बड़े भाई व मां ने किया।

- राजनीति में आने से पहले उन्होंने कनाडा में बनी एक फिल्म 'क्यों किस लिए' में अभिनय किया था। कनाडा के सुखिंदर ढिल्लो हत्याकांड (जिसमें पति अपनी पत्नी को बीमा के रुपए के लिए जहर देकर मार देता है) पर बनी यह फिल्म तो फ़लॉप रही, लेकिन रूबी फिल्म में अभिनेता चरनजीत सिहरा के साथ अपने हॉट सीन्स चर्चा में रहीं।

- फिल्म नहीं चलने के बाद रूबी राजनीति में आ गईं। वे 2004 से 2011 तक कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स की सदस्य (सासंद) रहीं। मैक्सिम मैग्जीन ने 2008 में उन्हें दुनिया की सबसे हॉट वीमन पॉलिटिशियन की सूची में तीसरा स्थान दिया था।

- रूबी कनाडा में पंजाबी समुदाय के बीच चर्चित चेहरा हैं। उनका ध्यान पंजाब की राजनीतिक गतिविधियों पर भी रहता है। 2012 में पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान वे अकाली दल के लिए प्रचार करने पंजाब आईं थीं।

- बचपन से ही महत्वाकांक्षी रूबी महज 10 साल की उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मंन आईं थीं। यह 1984 में भारतीय सैनिकों के स्वर्ण मंदिर पर कार्रवाई का दौर था। रूबी ने इसे लेकर तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पत्र लिखा था।

- पत्र में उन्होंने लिखा, ''प्रिय प्रधानमंत्री जी मैं आपको लिख रही हूं क्योंकि मैं भारत के बारे में चिंतित हूं। वहां विशेषकर पंजाब में बहुत अधिक लड़ाई हो रही है। मैं नहीं जानती कि वे क्यों एक अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। मैं यह समझ पाने में असमर्थ हूं कि आखिर क्यों लोग अपनी भलाई और देश की उन्नति में उनके योगदान की महत्ता को नहीं समझ पाते। मुझे उम्मीद है कि जल्द से जल्द ये सारी चीजें आप सही कर देंगी।''

Posted By: Amit Alok