छात्राओं से छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो मामले में बक्सर के दो शिक्षक सस्पेंड, विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी दो शिक्षकों, वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार को सेवा से ...और पढ़ें

शिक्षा मंत्री के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
HighLights
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं से दुर्व्यवहार के आरोपी शिक्षक बर्खास्त।
आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने और धमकी देने के आरोप प्रमाणित।
शिक्षा मंत्री के सख्त निर्देश पर हुई यह बड़ी कार्रवाई।
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सख्त निर्देश के बाद बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के साथ गंभीर दुर्व्यवहार के आरोपित दोनों शिक्षकों को सोमवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। छात्राओं के साथ छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने और आडियो के माध्यम से धमकी देने के आरोपों की विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
बर्खास्त किए गए शिक्षकों में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक वीरेन्द्र प्रसाद और अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं। विभाग के निर्णय के बाद दोनों भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य होंगे।
शिक्षा मंत्री के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने बक्सर के डीएम और एसपी को दोनों आरोपितों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही गिरफ्तारी के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीडी ट्रायल कर मामले की सुनवाई कराने को कहा गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की गई। डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
दो सितंबर को निलंबन, तीन सितंबर को आरोप पत्र
विभागीय कार्रवाई के तहत दोनों शिक्षकों को दो सितंबर को निलंबित किया गया। इसके अगले दिन तीन सितंबर को आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दोनों शिक्षकों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
विभागीय जांच में दोनों के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार ने पूरे मामले की समीक्षा की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया।
सरकारी सेवा से बर्खास्त, भविष्य में नौकरी के लिए भी अयोग्य
जांच प्रतिवेदन की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (11) के तहत दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।
विभागीय कार्रवाई के बाद दोनों शिक्षक अब सरकारी सेवा से बाहर हो गए हैं। साथ ही उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
विद्यालयों में अनुशासन और सुरक्षा से समझौता नहीं
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाले लोगों के प्रति सरकार सख्त रुख अपनाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में भविष्य में भी नरमी नहीं बरती जाएगी। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
