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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काठमांडू में फैला है गैंगस्‍टर एजाज लकड़ावाला का कारोबार, आधार कार्ड बनवाने जा रहा था दरभंगा

By Rajesh ThakurEdited By:
Published: Fri, 10 Jan 2020 05:30 PM (IST)Updated: Fri, 10 Jan 2020 10:48 PM (IST)

मुंबई का मोस्टवांटेंड गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला कई दिनों से नेपाल के काठमांडू में छिपा था। नेपाल में होटल में शेयर सोना तस्करी सहित अन्य धंधों में उसके पैसे लगे हैं।

काठमांडू में फैला है गैंगस्‍टर एजाज लकड़ावाला का कारोबार, आधार कार्ड बनवाने जा रहा था दरभंगा
काठमांडू में फैला है गैंगस्‍टर एजाज लकड़ावाला का कारोबार, आधार कार्ड बनवाने जा रहा था दरभंगा

पटना, प्रशांत। बिहार की राजधानी के क्राइम ब्रांच से लेकर आम व खास तक में शुक्रवार को भी गैंगस्‍टर एजाज लकड़ावाला ही छाया हुआ है। अब जो छन कर जानकारी आ रही है, उससे पता चलता है कि पटना के मीठापुर बस स्टैंड के पास से दबोचा गया मुंबई का मोस्टवांटेंड गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला कई दिनों से नेपाल के काठमांडू में छिपा था। उसने नेपाल के पोखरा व काठमांडू में अपना कारोबार फैला रखा है। होटल में शेयर, सोना तस्करी सहित अन्य धंधों में उसके पैसे लगे हैं। मुंबई के फिल्म उद्योग और बड़े कारोबारियों से रंगदारी की रकम उस तक हवाला के जरिए पहुंच रही थी। हाल में उसकी बेटी सोनिया ने भी एक उद्योगपति से रंगदारी मांगी थी। वह भी पिता के पास नेपाल आने वाली थी, मगर मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने सोनिया को छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से 28 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। इतना ही नहीं, एजाज बिहार के दरभंगा से 'आधार कार्ड' बनवाने की फिराक में भी था। 

एजाज के नेपाल में रहने की पुलिस को पुख्‍ता सूचना थी

दरअसल, गेंगस्‍टर एजाज लकड़ावाला को शक था कि पुलिस नेपाल में उसके ठिकाने तक पहुंच सकती है। मुंबई पुलिस को भी पुख्ता सूचना मिल चुकी थी कि दो दशक से फरार एजाज नेपाल में ही है। मुंबई पुलिस ने गृह मंत्रालय को सूचना दी, जिसके बाद नेपाल में काम कर रही भारतीय खुफिया एजेंसी सक्रिय हुई। सूत्रों के अनुसार, तीन जनवरी को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) की एक टीम एजाज का ठिकाना तलाश चुकी थी, लेकिन वह इसके नेपाल से बाहर निकलने का इंतजार कर रही थी। तकनीकी जांच में आइबी को इस बात की भनक लग चुकी थी कि एजाज नेपाल से निकलकर बिहार जाएगा। 

तीन जनवरी को किसी से मांगी थी रंगदारी

सूत्रों की मानें तो तीन जनवरी की शाम एजाज ने मोबाइल से किसी से रंगदारी मांगी थी। एजाज ने अपने मोबाइल से पटना के साथ मुंबई और दुबई में भी बातचीत की थी। एजाज ने फोन करने के बाद काठमांडू से ठिकाना बदलने के लिए नेपाल के नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल किया। उसके पीछे आइबी भी लगी थी। उस पर नजर रखने के लिए आइबी अपनी गाडिय़ां भी लगातार बदलती रही। वीरगंज पहुंचकर एजाज ने भी अपनी गाड़ी बदल दी थी। 

मुंबई में दर्ज हैं 25 कांड

एजाज युसूफ लकड़ावाला पर मुंबई में 25 कांड दर्ज हैं, जिसमें ज्यादातर रंगदारी मांगने, हत्या और दंगों से संबंधित हैं। पूछताछ के बाद पता चला कि एजाज नेपाल में छिपा है। एजाज की भूमिका सामने आने के बाद मुंबई पुलिस के सीआइडी (अपराध अनुसंधान विभाग) ने डीसीबी (डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्यूरो) में कांड संख्या 5/2020 दर्ज किया। इस कांड संख्या का जिक्र जक्कनपुर पुलिस को मुंबई क्राइम ब्रांच की ओर से दिए गए आवेदन में भी किया गया है। एजाज कभी छोटा राजन, दाउद इब्राहिम तथा छोटा शकील के लिए काम करता था। बाद में उसने अपना गैंग बना लिया। 

दरभंगा जानेवाला था, तभी पकड़ा गया

गौरतलब है कि एजाज ने कल पूछताछ में बताया था कि वह नेपाल से वीरगंज के रास्ते भारत में इंट्री की। इसके बाद वहां से छोटे वाहन से पटना पहुंचा। फिर मीठापुर बस स्टैंड से वह दरभंगा जाने वाला था। दो युवक उसका इंतजार कर रहे थे। इन्हीं दोनों युवकों के घर पर एजाज एक दिन ठहरता और आधार कार्ड बनवाता। साजिश के तहत उस फर्जी आधार कार्ड पर वह दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवाने वाला था।