पटना [जागरण टीम]। बिहार में एक लड़के की शादी तय हुई। शादी तय होने के बाद जब जब दूल्हे को पता चला कि गांव जाने का रास्ता पानी में डूबा है तो बारात लाने से ही मना कर दिया। लोगों ने दूल्‍हे को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। आखिरकार शादी टूट गई। 

यह वाक्या है शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना अंतर्गत मिर्जापुर गांव का। यहां के लोग पिछले दो वर्षों से जलजमाव की समस्या से त्रस्त है। गांव में प्रवेश करने से पहले गंदे पानी में प्रवेश कर ही गांव पहुंचना पड़ता है।

 

ग्रामीणों ने कहा कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सबसे खराब स्थिति स्कूली बच्चों की है। प्रत्येक दिन ट्रेक्टर पर बच्चों को लाद कर स्कूल पहुंचाया जाता है. यह नजारा रोज देखने को मिल जाता है।

 

जलजमाव के कारण एक बेटी की बारात नहीं आई। शादी की तिथि तय होने के बाद जब दूल्हे को पता चला कि गांव जाने का रास्ता पानी में डूबा है तो बारात लाने से ही मना कर दिया।

 

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मिर्जापुर गांव के लोगों ने जलजमाव से निजात के लिए धरना प्रदर्शन और सड़क जाम कर आंदोलन किया, लेकिन शासन और प्रशासन के द्वारा आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।

 

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Posted By: Ravi Ranjan

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