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रिश्वत के 9 हजार और सजा 4 साल की: पटना के राजस्व कर्मचारी को कोर्ट ने सुनाई सजा, 18 हजार जुर्माना भी

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:48 PM (IST)

पटना के फुलवारीशरीफ अंचल के पूर्व राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 9 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

नौ गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने सुनाई सजा

नौ गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने सुनाई सजा

HighLights

  1. पूर्व राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को चार साल की सजा।

  2. 9 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार।

  3. अदालत ने 18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया।

जागरण संवाददाता, पटना। नौ हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में फुलवारीशरीफ अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को चार वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को दोषी को यह सजा सुनाई।

अदालत ने अभियुक्त पर 18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उसे दोषी पाया।

नाम हस्तांतरण के बदले मांगे थे नौ हजार रुपये

मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के एवज में नौ हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच शुरू की। रिश्वत की रकम लेते कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।

किराये के मकान में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया

निगरानी अधिकारियों ने 23 जनवरी 2015 को कार्रवाई की। जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराये के निजी मकान में अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

कार्रवाई के बाद उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई निगरानी की विशेष अदालत में चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए।

नौ गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने सुनाई सजा

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ लोगों ने अदालत में गवाही दी। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना।

इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 18 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।