यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BPSC Results: बीपीएससी 66वीं संयुक्त परीक्षा में 685 अभ्यर्थी सफल, वैशाली के सुधीर बने टॉपर
बिहार लोकसेवा आयोग की 66वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। परीक्षा में कुल 685 अभ्यर्थी ...और पढ़ें

पटना, जागरण संवाददाता। बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) ने 66वीं संयुक्त परीक्षा (BPSC 66th Combined Examination) का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में 689 पदों पर नियुक्ति होनी थी। 685 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि 34 पुलिस उपाधीक्षक समेत विभिन्न विभागों में 685 अधिकारियों की नियुक्ति के लिए परिणाम जारी कर दिया गया। इसमें वैशाली के सुधीर कुमार टॉपर बने हैं। अरवल के अमर्त्य कुमार आदर्श दूसरे और मुजफ्फरपुर के आयुष कुमार तीसरे स्थान पर आए हैं।
साक्षात्कार में अनुपस्थित रहे 70 अभ्यर्थी
बीपीएससी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल 2022 को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। इस परीक्षा में कुल 1838 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इनका साक्षात्कार 18 मई 2022 से 22 जून 2022 तक तथा पांच जुलाई 2022 से 18 जुलाई 2022 तक हुआ। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया। साक्षात्कार में 1768 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें 70 अनुपस्थित रहे। कुल 689 रिक्तियों के आलोक में मेधा सूची तैयार की गई। तीन अगस्त को इसका परिणाम घोषित किया गया। कुल 685 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए। इनमें 25 दिव्यांग एवं 13 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित भी शामिल हैं। बुधवार को चेयरमैन आरके महाजन की अध्यक्षता में आयोग की बैठक हुई। इसमें परिणाम पर मुहर लगा दी गई। 689 पदों में मूक बधिर प्रकृति के चार अभ्यर्थी के नहीं मिलने के कारण चार पद खाली रह गए।
वर्ष 2020 से चल रही प्रक्रिया
66वीं परीक्षा को लेकर वर्ष 2020 से ही प्रक्रिया चल रही थी। वर्ष 2020 में 691 पदों के लिए आयोग की ओर से विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें गन्ना पदाधिकारी के दो पदों को वापस लिए जाने के बाद अब 689 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया हो रही है। आयोग की ओर से दिसंबर 2020 में प्रारंभिक परीक्षा एवं जुलाई 2021 में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी।
टॉपर सुधीर ने बताया सफलता का राज
बीपीएससी 66वीं में रैंक वन लाकर टापर बने वैशाली जिले के महुआ निवासी सुधीर कुमार ने कहा कि शार्टकट से सफलता नहीं मिलती।केवल सामान्य ज्ञान वाले किताबों के भरोसे नहीं रहना चाहिए, क्योंकि लिखित परीक्षा के लिए उतनी जानकारी काफी नहीं होती है। सुधीर ने महुआ के एक निजी स्कूल से दसवीं की पढ़ाई की। इसके बाद बिहार बोर्ड से प्लस टू करने के साथ उन्होंने जेईई क्वालीफाई कर लिया।सिविल में उन्होंने आइआइटी कानपुर से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चले गए। उन्होंने यूपीएससी प्री भी पास कर लिया है। सुधीर के पिता वीरेंद्र कुमार महुआ पोस्टआफिस में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रमिला कुमारी राजापकड़ में एएनएम हैं। उनसे बड़ी दो बहनें हैं। सुधीर ने कहा कि यूपीएससी हो या बीपीएससी, वे बिहार में ही सेवा देना चाहते हैं।
ये हैं टाॅप टेन
- सुधीर कुमार
- अमर्त्य कुमार आदर्श
- आयुष कृष्णा
- सदानंद कुमार
- विनय कुमार रंजन
- मोनिका श्रीवास्तव
- सिद्धांत कुमार
- अंकित सिन्हा
- ब्रजेश कुमार
- अंकित कुमार
पद का नाम रिक्तियां चयनित अभ्यर्थी
- पुलिस उपाधीक्षक 34 34
- जिला समादेष्टा 02 02
- काराधीक्षक 03 03
- राज्य कर सहायक आयुक्त
- (वाणिज्य कर विभाग) 11 11
- अवर निर्वाचन पदाधिकारी 02 02
- नियोजन पदाधिकारी 05 05
- ईख पदाधिकारी 03 03
- बिहार प्रोबेशन सेवा 19 19
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी 02 02
- अपर जिला परिवहन पदाधिकारी 30 30
- नगर कार्यपालक पदाधिकारी 15 15
- आपूर्ति निरीक्षक 157 155
- श्रम प्रवर्तन अधिकारी 51 50
- राजस्व अधिकारी 66 66
- प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी 162 161
- ग्रामीण विकास पदाधिकारी 127 127
