नलिनी रंजन, पटना : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 67वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इअब अभ्यर्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने के समय विशेष सतर्कता बरतनी होगी। इस बाबत आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने रविवार को अधिसूचना जारी कर दी है। अब प्रारंभिक परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन करने के समय ही रजिस्ट्रेशन तथा आवेदन भरने की प्रक्रिया एक साथ पूरी की जा सकती है। अब तक यह दोनों प्रक्रिया अलग-अलग करनी होती थी। अधिक जानकारी के लिए छात्र https://www.bpsc.bih.nic.in/ पर जाकर भी जानकारी ले सकते हैं। या इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं। 

परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक रजिस्ट्रेशन, भुगतान व फॉर्म भरने में कम से कम दो से तीन दिन लगते थे। अब एक घंटे में ही रजिस्ट्रेशन, भुगतान और फॉर्म भरने प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी को आनलाइन आवेदन फॉर्म पूरी तरह सबमिट करने से पूर्व एक बार प्रिंट कर जरूर देख लेना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे सुधार किया जा सकता है। आवेदन करने के अंतिम दिन के 10 दिनों के बाद तक इस बार गलती सुधार का आप्शन दिया जाएगा। इसके बाद त्रुटि सुधार करने का कोई आप्शन नहीं मिलेगा। यहीं नहीं इस वर्ष एक से अधिक आवेदन करने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी भी रद कर दी जाएगी। वह इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

  • परीक्षा के लिए महत्वपूर्व निर्देश

  • - आनलाइन फॉर्म भरते समय आरक्षण के कालम पर दावा नहीं करने वाले को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। 
  • - आरक्षण के लिए उम्मीदवारों को स्थानीय आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। 
  • - आनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों के पास सक्षम प्रमाण पत्र होना चाहिए, गलती होने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। 
  • - आरक्षण का दावा करने वाली विवाहित महिलाओं की जाति/क्रीमीलेयर सहित प्रमाण पत्र उनके पिता के नाम एवं पते से निर्गत होना चाहिए, ना कि उनके पति के नाम से।
  • - अस्थायी दिव्यांगता पत्र में निर्धारित अवधि के बाद नवीनीकरण नहीं होने की स्थिति में प्रमाण पत्र विधि मान्य नहीं होगी।
  • - आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का दावा करने वाले अभ्यर्थी के लिए इस विज्ञापन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 के आधार पर निर्गत EWS प्रमाण पत्र मान्य होंगे। 

Edited By: Akshay Pandey