राज्य ब्यूरो, पटना। BPSC Paper Leak Case 2022: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक की आगे की जांच गया के प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के अफसरों पर टिक गई है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गया के डीएम डा. त्यागराजन एसएम को पत्र लिखकर डेल्हा स्थित रामशरण सिंह इवनिंग कालेज को बीपीएससी परीक्षा का केंद्र बनाए जाने से जुड़ी जानकारी मांगी है। आपको बता दें कि बीपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए केंद्र का निर्धारण करने में डीएम और जिला शिक्षा अध‍िकारी जैसे अफसरों की भूम‍िका महत्‍वपूर्ण होती है। 

डीईओ और सेंटर मजिस्‍ट्रेट से दोबारा हो सकती है पूछताछ 

ईओयू सूत्रों के अनुसार, डीएम से इस बात की जानकारी ली जाएगी कि आखिर किस आधार पर जिले में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया था? चार साल पहले संबद्धता (एफलिएशन) खत्म हो जाने के बावजूद रामशरण सिंह इवनिंग कालेज को परीक्षा केंद्र बनाए जाने का कारण भी पूछा जाएगा। इसमें किन-किन पदाधिकारियों की भूमिका थी, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। इसके साथ ही जिले के डीईओ व सेंटर मजिस्ट्रेट से भी फिर से पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है।

प्राचार्य को रिमांड पर लेगी पुलिस 

इधर, बीपीएससी का पेपर वाट्सएप पर लीक करने वाले रामशरण सिंह इवनिंग कालेज के प्राचार्य शक्ति कुमार को ईओयू रिमांड पर लेगी। मंगलवार को ईओयू कोर्ट से शक्ति की रिमांड मांग सकती है। जांच अधिकारियों के अनुसार, शक्ति की रिमांड पेपर लीक के कई राज का पर्दाफाश कर सकती है। उससे पेपर लीक में सहयोग करने वाले अन्य अभियुक्तों के बारे में भी जानकारी मांगी जाएगी।

डेढ़ घंटे पहले ही वायरल हो गया था प्रश्‍न पत्र 

मालूम हो कि आठ मई को बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले ही परीक्षा का प्रश्न-पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद परीक्षा को रद कर दिया गया। इस मामले में रामशरण सिंह इवनिंग कालेज के प्राचार्य समेत 15 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। 

Edited By: Shubh Narayan Pathak