पटना [जागरण टीम]। कर चले हम फिदा जान वो तन साथियों,  अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों...। कुछ इसी अंदाज में पीरो का वीर नौजवान सपूत मो. मोजाहिद खान मुल्क की सरहद की रक्षा करते हुए हमेशा के लिए हम सबको अलविदा कह चला गया। शहीद मो मोजाहिद खान को पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। इस बीच सरकार की ओर से उनके परिजनों को पांच लाख का चेक दिया गया, जिसे लेने से इंकार करते हुए उनके भाई ने कहा कि मोजाहिद शहीद हुआ है, शराब पीकर नहीं मरा है।

मौके पर सीआरपीएफ के डीआईजी मो सज्जानुद्दिन, सीआरपीएफ 47 वी बटालियन के डीसी एके ठाकुर, सीआरपीएफ 47 वी बटालियन के कमांडेंट भूपेंद्र यादव,  इंसपेक्टर विनोद कुमार यादव, हवलदार नवीन कुमार, कांस्टेबल शिव कुमार राय, रवि भूषण सिंह, मंटू कुमार सिंह, इद्रीस खान, पंकज कुमार, संतोष कुमार, जसवीर सिंह पोगाट तारिक  अनवर आदि ने शहीद को अंतिम सलामी दी।

इस दौरान शहीद की अंतयात्रा में  लोगों का सैलाब उमड पडा। मौके पर मौजूद लोगों की भीड में शामिल  राजद विधायक राम विशुन सिंह लोहिया, पूर्व केंद्रीय  मंत्री  डॉ कांति सिंह, विधायक अरुण यादव, तरारी विधायक  सुदामा प्रसाद आरा के विधायक अनवर आलम, अगिआंव विधायक प्रभुनाथ प्रसाद,  विधानपार्षद राधाचरण साह, पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, भाई दिनेश, सहित सैकडों गणमान्य लोगों ने नम आंखों से पीरो के इस जांबाज बेटे को अंतिम विदाई दी। इस दौरान गमगीन माहौल के बावजूद हर कोई अपने बहादुर सिपाही की शहादत पर गर्व महसूस कर रहा था।

श्रीनगर में आतंकवादियों से लोहा लेने में शहीद हुए सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन के जवान मोहम्मद मोजाहिद खान का पार्थिव शारीर बुधवार की सुबह पीरो नगर के वार्ड 14 स्थित उसके घर लाया गया था। भोजपुर में अपने लाल की शहादत को लेकर आक्रोश मिश्रित गर्व का माहौल है। लोग आतंकियों की कायराना करतूत के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाये। शहीद मोजाहिद अमर रहे के नारों से वातावरण गुंजयमान हो गया। राजकीय सम्‍मान के साथ उन्‍हें सुपुर्द ए खाक किया गया।

मंगलवार को सरहद की सुरक्षा के लिए जान देने वाले बिहार के लाल पर गर्व करते हुए पीरो का युवा वर्ग सड़कों पर उतर आया। हाथ में तिरंगा लिए सड़क पर उतरे युवाओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा, मोजाहिद तेरा नाम रहेगा, के नारे लगाए। शहर का हर शख्स काम छोड़ अपने वीर सपूत को नमन करने सड़क पर आ गया।  युवकों ने शहर के लोहिया चौक पर कैंडिल जलाकर श्रद्धाजंलि दी।
पांच लाख का चेक लेने से शहीद के भाई ने किया इंकार

बड़े भाई इम्तेयाज ने कहा कि उनका भाई देश पर कुर्बान हुआ है। शराब पीकर नहीं मरा। उसका सम्मान होना चाहिए। ऐसी सम्मानजनक राशि मिले ताकि उसके माता पिता सम्मान पूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर सके। कहा कि कुछ दिन पहले शहीद हुए अशोक सिंह की पत्नी को बिहार सरकार की ओर से 11 लाख का चेक दिया गया तो फिर उनके साथ ऐसा क्यों?
दुबई से लौटे भाई बोले, पाकिस्तान से बदला ले सरकार

अपने भाई मोजाहिद के शहीद होने की खबर सुन बड़े भाई इम्तेयाज खान और मंझले भाई अकलाक खान दुबई से तत्काल रवाना हो गए थे। वे मंगलवार की सुबह घर पहुंच गए। दोनो के आखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इम्तेयाज कहा कि छोटे भाई की शहादत पर गर्व है। लेकिन जवानों की शहादत कब तक बेकार जाती रहेगी। सरकार को हर उस शहीद की शहादत का बदला लेना चाहिए जो पाकिस्तान की कायराना हरकतों के शिकार हुए हैं।

भतीजी ने रोते हुए दी इंटर की परीक्षा

मोजाहिद के बड़े भाई इम्तेयाज की बेटी रौशन जहां मंगलवार को अपने चाचा की शहादत का गम लिए रोते हुए इंटर की परीक्षा में शामिल हुई। पीरो के पुष्पा हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर उसकी आखें नम थीं। रौशन ने बताया कि चाचा चाहते थे कि पढ़-लिखकर ऊंचा मुकाम हासिल करूं।

Posted By: Ravi Ranjan