पटना [जेएनएन]। एक ओर बाढ़ से सूबे में तबाही के हालात हैं तो दूसरी ओर पुलिस अमानवीय तरीके से लाशों को ठिकाने लगा रही है। अररिया में पुलिस की ऐसी ही एक करतूत कैमरे में कैद हुई है। जोगबनी-फारबिसगंज के बीच मीरगंज पुल के पास बाढ़ में डूबकर मरने वाले आधा दर्जन अज्ञात शवों को पुलिस ने ट्रैक्टर से लाकर पानी में फिंकवा दिया।

जोगबनी में जहां एक ओर ठेले पर रख कर शवों को कब्रिस्तान ले जाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जोगबनी पुलिस की मौजूदगी में लाशों को परमान नदी में फेंकने का सिलसिला जारी है। ट्रैक्टर पर लाशों को लोड कर मीरगंज पुल से नदी में बहाया जा रहा है। पुलिस के इस कृत्य से मानवता शर्मशार हो गई है।

तस्वीरें यह साफ बयां कर रही है कि प‍ुलिस की हरकत कितनी शर्मनाक है। तस्वीरें सामने आने के बाद जोगबनी पुलिस पर सवाल उठाया जा रहा है।

फारबिसगंज-जोगबनी में आई प्रलयंकारी बाढ़ के बाद ये दोनों इलाके लाशों का डस्टबीन बनते जा रहे हैं। अबतक जोगबनी में आधिकारिक पुष्टि के तहत 17 लाशें मिल चुकी हैं, जिनमें से 4 शव नेपाल के रहने वाले लोगों का है।



फारबिसगंज के कुछ पंचायतों में तीन दिन पूर्व तक एक दर्जन लाशों की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को स्थानीय सुभाष चौक के समीप पानी में दो लाशें तैरती रहीं। इनकी शिनाख्त के बाद ग्रामीणों ने दाह संस्कार कर दिया मगर दूसरी लाश को बुधवार को निकाला गया। घोडाघाट निवासी अशोक झा ने बसबिट्टी में कई लाशें होने की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।

हालांकि इस मामले में अररिया के डीएम ने महज 20 मौतों की पुष्टि की है। डीएम हिमांशु शर्मा ने बताया कि अभी तक 20 मौतों की पुष्टि हुई है और आंकड़ा लिया जा रहा है।

इस मामले में सरकार ने संज्ञान में लेते हुए दोषी पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जो अररिया जिले के प्रभारी मंत्री भी हैैं, ने इस प्रकरण में अररिया के जिलाधिकारी से बात की। उन्होंने जिलाधिकारी को पूरे मामले की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेजने का निर्देश दिया है।

आरंभिक जानकारी के अनुसार जिस व्यक्ति का शव ट्रैक्टर से नदी में फेंका गया वह नेपाल का रहने वाला था। उसके परिजनों की सहमति से शव नदी मेंं फेंका गया था।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस मामले में जो दोषी हैैं उन पर कार्रवाई होगी। कोसी आपदा के समय से ही इस बारे में प्रावधान तय हैैं। अररिया के डीएम से रिपोर्ट मांगी गयी है। दाह संस्कार के लिए पैसे दिए जाते हैैं

Posted By: Ravi Ranjan

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