यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बोधगया ब्लास्ट की साजिश में शामिल जेहादुल इस्लाम ने कबूला गुनाह, आठ को पहले ही हो चुकी सजा
Bodh Gaya Bomb Blasts Conspiracy बोध गया में दलाई लामा के कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए बम धमाके की रची ...और पढ़ें

पटना, जागरण टीम। Bodhgaya Bomb Blast Conspiracy: बोधगया में बम ब्लास्ट की साजिश रचने के मामले में बचे आखिरी आरोपित जेहादुल इस्लाम की सजा पर एनआइए कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। एनआइए के विशेष न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की अदालत में सुनवाई होनी है। आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार करने के लिए 24 जनवरी को अदालत में आवेदन दिया था। इस मामले में अदालत आठ अभियुक्तों को पहले ही सजा सुना चुकी है। आरोपित जेहादुल इस्लाम ने उस समय अपना अपराध स्वीकार नहीं किया था। इस कारण उसका ट्रायल अलग से चल रहा है।
मंदिर सहित कई जगह बम धमाके की थी साजिश
मामले के अभियुक्तों ने 19 जनवरी 2018 को बोधगया में दलाई लामा द्वारा आयोजित निगमा पूजा के दौरान महाबोधि मंदिर परिसर सहित अन्य स्थानों पर बम रखकर बम ब्लास्ट करने की साजिश रची थी। समय रहते पुलिस ने एक बड़ी घटना को विफल कर दिया था। इस मामले में तीन अन्य आरोपितों को उम्र कैद और पांच को 10-10 साल कैद की सजा पहले ही हो चुकी है। मामले में पैगंबर शेख, अहमद अली उर्फ कालू और नूर आलम मोमिन को उम्र कैद जबकि दिलावर हुसैन, आरिफ हुसैन उर्फ अनस उर्फ अताकुर उर्फ सैयद उर्फ आलमगीर शेख, मुस्तफा रहमान उर्फ शाहीन उर्फ तूहीन, मोहम्मद आदिल शेख उर्फ अब्दुल्लाह और अब्दुल करीम उर्फ फंटू शेख उर्फ करीम शेख उर्फ इकबाल को 10-10 साल कैद की सजा हुई थी।
औरंगाबाद में विस्फोट मामले में एटीएएस ने की जांच
इधर, औरंगाबाद शहर के अलीनगर स्थित कबाड़ी दुकान में हुए बम धमाके की जांच आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुरू कर दी है। यहां विस्फोट में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। इस मामले को बिहार पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है। यहां कबाड़ी की दुकान में मंगलवार की शाम विस्फोट हुआ था। धमाके में दो मजदूरों की तत्काल जबकि एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
