पटना, राज्य ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रति माह गरीबों को छह किलो मुफ्त अनाज दिए जाने की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे बिहार में चुनावी कार्ड के तौर पर खेलने की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने बुधवार  को पार्टी प्रदेश मुख्यालय पत्रकारों से कहा कि लाखों प्रवासी बिहारी मजदूर बिहार आए हैं। इनलोगों के सामने परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन पीएम मोदी ने उनलोगों को राशन देने की घोषणा की है, क्योंकि प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलने में वक्त लगेगा। ऐसे में प्रति माह पांच किलो अनाज और एक किलो दाल लोगों को बड़ी रराहत रहत हात मिलेगी। हम सभी बिहार भाजाप के नेता आभार जता रहे हैं।

जायसवाल ने कहा कि बिहार में कोरोना संकट के बीच तेजी से रिकवरी हो रहा है। पीएम मोदी ने 32 जिलों को योजनाओं को रोजगार को लेकर चुना गया है। प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा। यह पीएम मोदी का यह बहुत बड़ा उपकार है। जायसवाल ने कहा कि बिहार के 5 करोड़ से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है। बिहार के लोग कही भी रहेंगे तो उनको दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि वन राशन वन कार्ड के तहत इसका फायदा मिलेगा। बिहार में चुनावी लाभ लेने के सवाल पर कहा कि यह सिर्फ बिहार के लिए योजना नहीं है। यह पूरे भारत के गरीबों के लिए योजना है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि गरीबों को नवंबर तक मुफ्त अनाज मिलेगा। गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब नवंबर महीने के आखिरी तक कर दिया जायेगा। यानी देश के 80 करोड को लोगों को नवंबर तक मुफ्त अनाज मिलता रहेगा। सरकार द्वारा हर गरीब परिवार के हर सदस्य को हर महीने 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जायेगा। वहीं हर परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जायेगा। इस योजना में सरकार ने 90 हजार करोड रूपये और खर्च करने का फैसला लिया है। पिछले तीन महीने से सरकार मुफ्त अनाज दे रही है। कुल खर्च को जोड दिया जाये तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सरकार ने डेढ़ लाख करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया है।

Posted By: Rajesh Thakur

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