राज्य ब्यूरो, पटना: पटना उच्च न्यायालय द्वारा बिहार में इसी महीने होने वाले नगर निकाय चुनाव में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण पर रोक लगा देने के फैसले को लेकर बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से स्पष्ट हो गया कि नीतीश सरकार ने अन्य अति पिछड़ों के साथ धोखा किया है। पटना प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि इस महीने होने वाले चुनाव पर रोक लगाए जाने के लिए सिर्फ नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं। सम्राट ने इसे आर्थिक और सामाजिक खिलवाड़ बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ भाजपा गुरुवार को सभी जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला जलाएगी।

उन्होंने इस स्थिति के लिए नीतीश कुमार की जिद को जिम्मेदार बताते हुए सवाल किया कि राज्य सरकार नीतीश की जिद से चलेगी या बिहार के लोगों के हित के लिए चलेगी। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए आयोग का गठन किया और फिर चुनाव कराए गए।  लेकिन, नीतीश कुमार ने संवेदनहीन बनकर सर्वोच्च अदालत के आदेश का पालन नहीं किया। 

चौधरी ने इसके लिए नीतीश के खिलाफ अदालत की अवमानना का भी मामला चलाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग पर दबाव डालकर ऐसा करवाया गया है। यही कारण है कि उच्च न्यायालय ने भी निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से काम करने की सलाह दी है। चौधरी ने नीतीश सरकार को सलाह देते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय जाने से पहले विधानसभा सत्र बुलाए और संकल्प लेकर आयोग गठन कर ले। 

विधान पार्षद चौधरी ने कहा कि राजद को इस मामले में बोलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने राजद को किसी भी आरक्षण के लिए विरोधी बताते हुए सवाल किया कि आरजेडी को बताना चाहिए कि 15 साल में पार्टी ने किसे आरक्षण दिया ? इस मौके पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन, सिद्धार्थ शंभू, प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद, अजफर शम्सी भी उपस्थित रहे।

Edited By: Akshay Pandey

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