ऑनलाइन डेस्क, पटना। लालू यादव दुमका कोषागार से अवैध निकाली के मामले में जमानत बाहर आ चुके हैं। नौ मई को राजद सुप्रीमो पार्टी के नेताओं और सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदगी में वर्चुअल मीटिंग करने जा रहे हैं। इसपर बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा है कि लालू प्रसाद को पहले अपने स्वास्थ्य और कोरोना लहर से परेशान बिहार की जनता की चिंता करनी चाहिए। 

गुरुवार को सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट करके कहा कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को जमानत पर छोड़ने के लिए आधी सजा काटने से लेकर गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने तक, कई दलीलें दी गई थीं। जमानत मिलते ही लालू यादव अपना राजनीतिक कार्यक्रम घोषित कर रहे हैं। अब पार्टी उनकी बीमारियों को भुला चुकी है। लालू प्रसाद को पहले अपने स्वास्थ्य और कोरोना लहर से परेशान जनता की चिंता करनी चाहिए। सुशील मोदी ने कहा कि राजद प्रमुख लालू यादव सुनिश्चित करें कि पार्टी अनाप-शनाप बयानबाजी बंद कर कोरोना पीड़ितों की सेवा में रचनात्मक सहयोग करे। बिहार के लोग सुरक्षित बचेंगे, तो वे बहुत राजनीति कर लेंगे।

नौ को राजद करने जा रही है वर्चुअल मीटिंग

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नौ मई को विधायकों, विधान पार्षदों एवं विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों के साथ वर्चुअल मीटिंग करने जा रही है। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ पार्टी के अध्यक्ष लालू यादव भी मौजदू रहेंगे। लालू खुद दिल्ली स्थित बेटी व राज्यसभा सदस्य डॉ. मीसा भारती के आवास से  शिरकत करेंगे। रविवार को दोपहर दो बजे से राजद के 75 विधायकों के साथ लालू प्रसाद की वर्चुअल मीटिंग होगी। संभवतः इसमें भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के खिलाफ पार्टी ठोस रणनीति बना सकती है।  लालू के जेल से बाहर आने के बाद बिहार में राजद पहले से ज्यादा कैसे मजबूत हो इसपर मंथन होगा।