राज्य ब्यूरो, पटना : बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि राजद को चाहिए कि वह राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करे। रविवार को सुशील मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को जब मौका मिला तो एक मुस्लिम को राष्ट्रपति बनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो बार मौका मिला तो एक बार अनुसूचित जाति और दूसरी बार आदिवासी महिला का नाम प्रस्तावित किया है। आजादी के बाद देश की पहली आदिवासी महिला की उम्मीदवारी का पूरे देश ने स्वागत किया है। अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़ों की दुहाई देने वाले राजद को भी अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उसकी अग्निपरीक्षा है कि वह आदिवासी महिला का समर्थन करता है या नहीं।

गैर एनडीए दल भी समर्थन देने के लिए आगे आ रहे

द्रौपदी मुर्मू केवल आदिवासी महिला ही नहीं, बल्कि ओडिशा के रायरंगपुर नगर निगम की उपाध्यक्ष, स्कूल शिक्षिका, राज्य सरकार में मंत्री, राज्यपाल से होते हुए राष्ट्रपति पद तक पहुंचने की संघर्ष की परिणति हैं। दो जवान बेटों और पति को खोने के बाद भी वे समाज सेवा से कभी विरत नहीं हुईं। सुशील मोदी ने कहा कि गैर एनडीए दल भी समर्थन देने के लिए आगे आ रहे हैं। पहले अकाली दल, अब पूर्व प्रधानमंत्री देवगौडा का जनता दल (एस) ने समर्थन दिया है। झामुमो दुविधा में है। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नामांकन में झामुमो शामिल नहीं हुआ। संभावना है कि वह द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी कहना पड़ा कि यदि भाजपा द्रौपदी मुर्मू के नाम की घोषणा के पहले बात कर लेती तो वह भी विचार करतीं।

Edited By: Akshay Pandey