जासं, छपरा: एंबुलेंस प्रकरण में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मंगलवार को अपना पक्ष रखा और पूर्व सांसद पप्पू यादव को कठघरे में खड़ा किया। सांसद ने तमाम सवालों का जवाब दिया और पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की फेहरिस्त गिनाई। वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में रूडी ने पप्पू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मंदिर में बैठ जाने से अपराधी संत नहीं हो जाता। कहा कि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का राजनीति में पदार्पण अपराध जगत से हुआ, जबकि मैं पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के पश्चात देश सेवा के लिए राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हुआ। वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में रूडी ने पुरूलिया कांड के मुख्य आरोपी किम डेवी का एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें उसने उसे भगाने वाले सांसद का नाम लिया था।  

आरोप लगाने से पहले पप्पू को करनी चाहिए पड़ताल

सामुदायिक केंद्र पर खड़ी एंबुलेंस के बारे में बताया कि इंश्योरेंस समाप्त होने, चालक के बीमार होने या छोड़कर चले जाने के कारण एंबुलेंस खड़ी हैं। सांसद ने एंबुलेंसो की संचालन व्यवस्था का लाइव वीडियो भी दिखाया और बताया कि इनकी जीपीएस से ट्रैक्रिंग होती है। वर्ष 2019 में खरीदी गई सभी एंबुलेंस अभी तक कितने किलोमीटर चली? यह भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे मित्र (पप्पू यादव) ने यह सवाल उठाया था कि इतनी एंबुलेंस कैसे और क्यों चलाई जा रही है, कहां रखी गई हैं। इसको लेकर उन्होंने लोगों के मन में संशय पैदा किया। यह कहने से पहले उन्हें पड़ताल कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि किस हैसियत से पूर्व सांसद पूरे बिहार के स्वास्थ्य के इंस्पेक्टर बन गए है और जगह-जगह निरीक्षण का काम करने लगे। सांसद ने कहा कि अपने क्षेत्र की सभी पंचायतों को एंबुलेंस सुविधा प्रदान करना राजनीतिक जीवन का एक अतिरिक्त और नवीन प्रयास है। 

स्वयं पप्पू ने किया था आपराधिक मामलों का उल्लेख

रूडी ने पप्पू यादव द्वारा वर्ष 2014 में चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र को भी दिखाया, जिसमें 32 आपराधिक मामलों का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं और कितने आपराधिक मामले ट्रायल में है इसका उल्लेख पप्पू यादव ने स्वयं अपने शपथ पत्रों में किया है। रूडी ने 17 अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी दी। उनका कहना था कि इन मामलों को पप्पू यादव ने चुनाव को दिए शपथपत्र में छिपाया।