पटना [राज्य ब्यूरो]। भाजपा के विधान परिषद सदस्य संजय पासवान ने गले में सांप क्या लपेटा, फेसबुक वाले कई दोस्त उनके गले ही पड़ गए। उन्होंने  फेसबुक पर एक फोटो पोस्ट की है। उनके गले में सांप लटका हुआ है। आंखें बंद हैं। मानों भक्ति में लीन हों। धार्मिक भाव वाले दोस्त इसे ईश्वर की कृपा बता रहे हैं।

आलोचक कह रहे हैं कि आंखें मारे डर के बंद हो गई हैं। फोटो के नीचे पासवान ने लिखा है-नवरात्र के शुभारंभ पर भोले बाबा का आगमन और आशीर्वाद। सबको शुभकामना। जय माता जगदम्बा। 

फेसबुक पर पासवान के आलोचकों की संख्या कम ही है। बसंत कुमार मिश्र ने तुकबंदी के जरिए टिप्पणी की है-एमएलए, एमपी, मिनिस्टर बनाया। सीधे-सादे इंसान से एक्टर बनाया। एकरूपिया से बहुरूपिया बनाया। रामनरेश पासवान ने उनसे आग्रह किया है कि वे पाखंड को बढ़ावा न दें।  

राकेश कुमार का कमेंट है-पूरा ढोल ही हो। राजू सिन्हा ने सवाल पूछा है-सर्प माला असली है। पोस्ट को करीब हजार लोगों ने लायक किया है। शेयर करने वालों की तादाद 17 है। एनआइटी के छात्र रहे हरिकेश्वर राम ने डा. पासवान के पोस्ट को शेयर किया है। उसपर तीखी टिप्पणी आई है।

सुरेश राम ने लिखा है-पाखंडी और चाटुकार ही बनना था तो डॉक्टर बनने की क्या जरूरत थी। बासुकी पासवान ने लिखा है कि पाखंड के कारण ही भाजपा पासवान को तरजीह दे रही है। शिव बालक पासवान की राय है-पाखंड से समाज का भला नहीं होने वाला है।

रामपुकार पासवावान ने लिखा है-महाढोंगी। प्रभुदयाल चौधरी की नाराजगी इस अंदाज में जाहिर हुई-ढोंग की भी हद होती है। कभी भूत भगत तो कभी सांप की माला। इसका जनता पर क्या असर होगा। अमन कुमार का कमेंट है-अफसोस इस बात का नहीं कि धर्म का धंधा हो रहा है। अफसोस इस बात का है कि पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है।

Posted By: Kajal Kumari

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