विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में शराबबंदी पर NDA में ही घिरे नीतीश, बीजेपी ने की कानून वापस लेने की मांग, कहा- जिद न करें

By Akshay PandeyEdited By:
Published: Tue, 23 Nov 2021 09:00 PM (IST)Updated: Wed, 24 Nov 2021 03:12 PM (IST)

शराबबंदी कानून पर बिहार के सीएम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में ही घिर गए हैं। भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ...और पढ़ें

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जागरण आर्काइव।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जागरण आर्काइव।

राज्य ब्यूरो, पटना : शराबबंदी कानून पर बिहार के सीएम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में ही घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि वे शराबबंदी कानून वापस लें, क्योंकि इससे अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगर प्रगतिशील कृषि कानून वापस ले सकते हैं तो मुख्यमंत्री शराबबंदी कानून को लेकर जिद न करें। 

बीजेपी विधायक ने कहा कि यह शराबबंदी कानून अच्छी नीयत से बना था। इसे लागू करने में गड़बड़ी हो गई। शराब माफिया और सरकारी तंत्र के गठजोड़ ने कानून के उद्देश्य को विफल कर दिया है। हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि कानून की आड़ में दो दिन पहले राजधानी पटना के एक विवाह समारोह में जिस तरह से छापामारी की गई, वह शर्मनाक और डरावनी भी है।

युवाओं का बड़ा समूह तस्करी में संलग्न

विधायक ने कहा कि युवाओं का बड़ा समूह तस्करी में संलग्न हो गया है। कुल मिलाकर यह कानून नई पीढ़ी को बचाने के बदले बर्बाद कर रहा है। हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि बिहार में शराब तस्करों से पुलिस मिली हुई है। पुलिस की हामी से ही राज्य में शराब बिक रही है। बेचने वाले के यहां पुलिस ने नहीं जा रही और जो इस कार्य से नहीं जुड़ा उसको धमकी दी जा रही है।

शराबबंदी हम लोगों पर भारी पड़ रही 

मधुबनी के बिस्फी विधानसभा के विधायक बचौल ने कहा कि नीतीश कुमार के चौथे कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम नरेन्द्र मोदी के किसान कानून की तरह सीएम को भी शराबबंदी को वापस ले लेना चाहिए। हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि शराबबंदी हम लोगों पर भारी पड़ रही है। विधायक ने कहा कि नीतीश विकास पुरुष हैं लेकिन यह तंत्र उन्हें फेल कर रहा है। ऐसे में कानून वापस कर लिया जाए और शराब पर टैक्स से काम किया जाए।