पटना [जेएनएन]। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में सोमवार को भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त नसीम जैदी को ज्ञापन देकर 2015 के विधान सभा चुनाव में लालू के ज्येष्ठ पुत्र तेज प्रताप यादव द्वारा झूठा शपथपत्र देने की शिकायत की और उनकी सदस्यता रद करने की मांग की।

लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सुशील मोदी लगातार कई मामले उजागर कर रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने तेजप्रताप यादव पर चुनाव आयोग को औरंगाबाद जमीन का हलफनामा नही देने के आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग के संज्ञान में इस तथ्य को लाया जाएगा ताकि वह आगे की कानूनी कार्रवाई कर सके।

 

सुशील मोदी ने कहा कि औरंगाबाद में तेजप्रताप यादव ने जमीन खरीदी। आरजेडी नेता तेजप्रताप और उनकी मां राबड़ी देवी के उस जमीन में मालिकाना हक है और उन्होंने अपने शपथ के समय इस औरंगाबाद की संपत्ति को छिपाया।

 

सुमो का आरोप है कि तेजप्रताप यादव ने गलत एफिडेविड लगाया गया था। उन्होंने साल 2010 में 7 रजिस्ट्री करवाई है, वहां शोरूम चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं उनकी सदस्यता रद की जाए और तमाम उचित धाराओं के तहत उन पर कार्रवाई की जाए।

 

सुशील मोदी ने गैर बीजेपी दलों की प्रस्तावित रैली पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी को भगाने या देश को बचाने के लिए नहीं बल्कि बेनामी संपत्ति बचाने के लिए 27 अगस्त को रैली की जा रही है। रैली का नाम बदलकर बेनामी संपत्ति बचाओ रैली होना चाहिए।

 

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बेनामी संपत्ति के नाम पर देश भर की पार्टियों को एक करने की कोशिश कर रहे है। पैसा खर्च कर भीड़ कोई जुटा सकता है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में खाई पैदा हो गई है और जेडीयू को एक बार फिर कांग्रेस के साथ संबधों के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए।

 

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Posted By: Kajal Kumari

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