पटना, जेएनएन। भले ही बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यू (JDU) की डबल इंजन वाली सरकार चल रही हो, लेकिन झारखंड में एनडीए (NDA) में शामिल इन दोनों दलों की राहें जुदा है। वहां बीजेपी और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू आमने-सामने होगी। लेकिन जदयू बिहार की तरह वहां 'तीर' से विरोधियों पर हमला नहीं कर सकेगी, बल्कि उसे चुनावी वैतरणी पार करने के लिए 'ट्रैक्‍टर पर बैठा किसान' का सहारा होगा। चुनाव आयोग ने झारखंड में जदयू को निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिह्न 'ट्रैक्‍टर पर बैठा किसान' छाप आवंटित किया है।  

दरअसल, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का चुनाव चिह्न 'तीर-धनुष' है। ऐसे में जेएमएम की ओर से आपत्ति की गई थी कि जदयू के 'तीर' छाप से मतदाताओं को कन्‍फ्यूजन होगा। इसे निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लेते हुए झारखंड में जेडीयू के चुनाव चिह्न 'तीर' को फ्रीज कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने झारखंड के लिए जेडीयू को 'ट्रैक्‍टर पर बैठा किसान' छाप आवंटित कर दिया। अब जेडीयू इसी चुनाव चिह्न के साथ बीजेपी से आमने-सामने होगी।    

बता दें कि झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव होनेवाला है और इसका काउंट डाउनलोड शुरू है। सूत्रों की मानें तो 20 अक्‍टूबर के बाद कभी निर्वाचन आयोग चुनाव की डेट की घोषणा कर सकता है। बताया जाता है कि महाराष्‍ट्र और हरियाणा के बाद झारखंड में विधानसभा चुनाव कराया जा सकता है। इसी को देखते हुए जेडीयू की ओर से जनभावना यात्रा भी निकाली गयी है।

जदयू के राष्‍ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह खुद जनभावना यात्रा का नेतृत्‍व कर रहे हैं। गुरुवार को रांची के डिबडीह स्थित प्रदेश कार्यालय से यह यात्रा शुरू हुई थी। शुक्रवार को यह लातेहार के मनिका विधानसभा क्षेत्र पहुंची थी। जनभावना यात्रा शनिवार (14 सितंबर) को मेदिनीनगर पहुंची है। इसके बाद 15 सितंबर को गढ़वा तथा 16 सितंबर को पलामू पहुंचेगी। पलामू के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के पाटन में इस यात्रा का पहला चरण संपन्न होगा।

Posted By: Rajesh Thakur

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