बिहटा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एप्रन निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, टर्मिनल के काम में देरी से उठ रहे सवाल
बिहटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एप्रन और टैक्सी-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है, लेकिन टर्मिनल बिल्डिंग के काम में धीमी गति चिंता का विषय है।

एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
एप्रन और टैक्सी-वे का निर्माण कार्य तेज।
टर्मिनल बिल्डिंग के काम में धीमी गति।
अप्रैल 2027 तक परिचालन का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना जिले के बिहटा में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य जारी है, हालांकि टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परियोजना के तहत एप्रन, टैक्सी-वे और बाउंड्री निर्माण का कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहा है।
एयरपोर्ट परिसर में एप्रन निर्माण का काम तेजी से किया जा रहा है। एप्रन वह क्षेत्र होता है जहां विमान खड़े किए जाते हैं तथा यात्रियों के चढ़ने-उतरने और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं।
बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य पूरा
अधिकारियों के मुताबिक यह हिस्सा भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत 108 एकड़ भूमि में बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं पिछले वर्ष अधिग्रहित आठ एकड़ अतिरिक्त जमीन पर भी बाउंड्री निर्माण का कार्य जारी है।
सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट परिसर को पूरी तरह सुरक्षित करने की दिशा में यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरपोर्ट के टैक्सी-वे का निर्माण भी प्रगति पर है। बताया जा रहा है कि टैक्सी-वे का आधा हिस्सा एयरफोर्स के नियंत्रण वाले क्षेत्र में विकसित किया जाना है, जबकि शेष हिस्सा एप्रन से रनवे की ओर बनाया जा रहा है।
टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण अपेक्षाकृत धीमी गति से
इस कारण निर्माण एजेंसियों को एयरफोर्स और नागरिक उड्डयन विभाग के बीच समन्वय बनाकर काम करना पड़ रहा है। हालांकि परियोजना का सबसे अहम हिस्सा मानी जा रही टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहा है।
स्थानीय लोगों और परियोजना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले एक वर्ष में टर्मिनल निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी है। इससे एयरपोर्ट परियोजना के पूर्ण होने की समयसीमा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। बिहटा एयरपोर्ट का विस्तार पूरा होने के बाद पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही राज्य में हवाई संपर्क और निवेश की संभावनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
अप्रैल 2027 में बिहटा एयरपोर्ट को ऑपरेशनल का लक्ष्य
बिहटा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अप्रैल 2027 तक ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में यात्री टर्मिनल भवन, सर्विस ब्लाक, फायर स्टेशन व एप्रन का निर्माण कार्य होना है। पहले चरण के निर्माण कार्य के लिए 460 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण पर 1453 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस एयरपोर्ट से प्रतिदिन 3000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा, जिससे पटना और आसपास के क्षेत्रों में हवाई यात्रा और सुगम होगी।
